Home उत्तर प्रदेश जलनिधियों, नदियों और यमुना मैया की पीड़ा पर हुआ विचार-विमर्श

जलनिधियों, नदियों और यमुना मैया की पीड़ा पर हुआ विचार-विमर्श

खागा में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जुटे सामाजिक व धार्मिक लोग

FATEHPUR NEWS: खागा नगर सड़क संघर्ष समिति के संयोजक धर्मेंद्र दीक्षित के आवास पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ से पधारे प्रसिद्ध श्रीराम कथा वाचक आचार्य डॉ. चन्द्रांशु जी महाराज का आगमन हुआ। इस दौरान नगर के सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक लोगों ने उनका स्वागत किया।आचार्य डॉ. चन्द्रांशु जी महाराज ने धर्मेंद्र दीक्षित के परिवार से मुलाकात कर उनके पिता एवं भतीजे के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने परिवार को दुख की घड़ी में धैर्य बनाए रखने का संदेश भी दिया। इस अवसर पर पर्यावरण पहरूवा एवं बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के केंद्रीय अध्यक्ष प्रवीण पांडेय ने आचार्य जी से आग्रह किया कि वे अपनी कथाओं एवं प्रवचनों में प्रकृति, पर्यावरण, नदियों, तालाबों, झीलों और यमुना मैया की पीड़ा को प्रमुखता से उठाएं। उन्होंने कहा कि आज नदियां प्रदूषण और अतिक्रमण की समस्या से जूझ रही हैं, जबकि गांवों के पारंपरिक तालाब और जलस्रोत लगातार समाप्त होते जा रहे हैं। प्रवीण पांडेय ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नदियों को मां का स्वरूप माना गया है और जल संरक्षण केवल पर्यावरण ही नहीं, बल्कि सामाजिक एवं धार्मिक जिम्मेदारी भी है। यदि धार्मिक मंचों से जल संरक्षण और प्रकृति बचाने का संदेश दिया जाए तो समाज में व्यापक जनजागरण संभव है। आचार्य डॉ. चन्द्रांशु जी महाराज ने भी प्रकृति संरक्षण को मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जरूरी है। कार्यक्रम में भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष संतोष सिंह, प्रेमशंकर मिश्रा, राजेश दीक्षित, उज्ज्वल दीक्षित, कार्तिक दीक्षित, अमन दीक्षित, अमित सोनी, दुर्गेश अवस्थी, अनिल वैभव तिवारी, मनोज गुप्ता, रमेश मिश्रा, अंकित तिवारी एवं धर्मेंद्र दीक्षित सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।