विकास भवन में एडीएम की अध्यक्षता में बैठक, दो चरणों में होगी पहली डिजिटल जनगणना
FATEHPUR NEWS: भारत की जनगणना–2027 के प्रथम चरण की तैयारियों के तहत विकास भवन सभागार में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. अविनाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में जनगणना से जुड़े अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में जनगणना कार्यों के सफल संचालन और प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण सत्र में जनगणना कार्य निदेशालय उत्तर प्रदेश, लखनऊ से आए उप निदेशक अजय कुमार ने अधिकारियों को जनगणना के कार्यान्वयन, चार्ज अधिकारियों के दायित्व, फील्ड ट्रेनरों की तैयारी, प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों के डाटा तैयार करने और उसे ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। साथ ही मकान सूचीकरण और मकानों की गणना से जुड़े कार्यों की मॉनिटरिंग के संबंध में भी प्रशिक्षण दिया गया। अपर जिलाधिकारी डॉ. अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि जनगणना 2027 दो चरणों में कराई जाएगी। प्रथम चरण 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा, जिसमें मकान सूचीकरण और मकानों की गणना की जाएगी। इसके तहत सभी भवनों, जनगणना मकानों और परिवारों की पहचान कर उन्हें व्यवस्थित रूप से सूचीबद्ध किया जाएगा तथा मकानों से संबंधित फर्श, दीवार और छत की सामग्री, आवास की स्थिति, पेयजल स्रोत, शौचालय की उपलब्धता सहित विभिन्न सुविधाओं और संपत्तियों का डाटा एकत्र किया जाएगा। उन्होंने बताया कि द्वितीय चरण 9 से 28 फरवरी 2027 तक होगा, जिसकी संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 निर्धारित की गई है। यह जनगणना डिजिटल मोड में होने वाली पहली जनगणना होगी। इसमें प्रगणक स्मार्टफोन पर उपलब्ध मोबाइल ऐप के माध्यम से डाटा संग्रह करेंगे और जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी सीएमएमएस पोर्टल के जरिए की जाएगी। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि पहली बार परिवारों को वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) का विकल्प भी मिलेगा, जिसे बाद में प्रगणक सत्यापित करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनगणना कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और डाटा पूरी तरह त्रुटिरहित हो। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी खागा व बिंदकी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।







