PRAYAGRAJ NEWS: बारा क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में पानी की भारी किल्लत से लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। बारा तहसील से महज दो किलोमीटर दूर स्थित पिपरांव गांव में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए रोज संघर्ष करना पड़ रहा है। गांव की लगभग 3500 आबादी पानी की समस्या से जूझ रही है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में लगे लगभग सभी हैंडपंप सूख चुके हैं। इसके अलावा पुराने कुएं भी जवाब दे चुके हैं, जिससे लोगों के सामने पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। गांव के लोगों को अब एक किलोमीटर दूर स्थित एकमात्र कुएं के भरोसे रहना पड़ रहा है। सुबह होते ही महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे प्लास्टिक के डिब्बे, बाल्टी और बर्तन लेकर पानी भरने के लिए निकल पड़ते हैं। कई लोग साइकिल पर डिब्बे बांधकर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच पानी के लिए भटकते ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। दोपहर की तपती धूप में भी लोग पानी के लिए लाइन लगाए नजर आते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पानी की कमी के कारण घरेलू कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं। पीने के पानी के साथ-साथ पशुओं के लिए भी पानी की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की गई। उप जिलाधिकारी बारा को भी ज्ञापन देकर गांव में पानी की व्यवस्था कराने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि अधिकारी केवल आश्वासन देकर मामले को टाल रहे हैं, जबकि गांव में हालात दिन-ब-दिन गंभीर होते जा रहे हैं। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि इस तरह की स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई। लगातार गिरते जलस्तर और भीषण गर्मी के कारण गांव में जल संकट गहरा गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल टैंकर के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने, खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराने और नई पेयजल योजनाएं शुरू करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हालात और भी भयावह हो सकते हैं। फिलहाल पिपरांव गांव के लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष कर रहे हैं और प्रशासन से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।







