18 अधिकारी नोडल, 31 बिंदुओं पर होगी जांच; 66 केंद्रों पर शुरू हुई खरीद, 15 हजार कुंटल गेहूं की खरीद पूरी
JHANSI NEWS: जनपद में 30 मार्च से शुरू हुई सरकारी गेहूं खरीद प्रक्रिया को सुचारू एवं पारदर्शी बनाने के लिए जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों के किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की स्थिति में संबंधित केंद्र प्रभारी को सीधे जिम्मेदार ठहराते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत जनपद में स्थापित 66 गेहूं क्रय केंद्रों की निगरानी के लिए एसडीएम सहित 18 जिला स्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। सभी अधिकारियों को 31 बिंदुओं की विस्तृत चेकलिस्ट के आधार पर केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्रय केंद्रों के आसपास सक्रिय बिचौलियों पर सतत निगरानी रखी जाए तथा निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,585 प्रति क्विंटल का पूरा लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं जैसे फ्लैक्स, तौल कांटे, पेयजल और बैठने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि खरीद के बाद 48 से 72 घंटे के भीतर किसानों के खातों में भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की आर्थिक असुविधा का सामना न करना पड़े। किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी उपज बिचौलियों को औने-पौने दामों पर बेचने के बजाय सीधे सरकारी क्रय केंद्रों पर ही विक्रय करें। जिला खाद्य विपणन अधिकारी संतोष कुमार पटेल ने बताया कि जनपद में गेहूं खरीद प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है और अब तक 195 किसानों से लगभग 15,000 कुंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। हालांकि शासन से अभी तक खरीद का लक्ष्य निर्धारित नहीं हुआ है, फिर भी किसानों को लगातार केंद्रों पर फसल लाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनपद में गेहूं खरीद के लिए 621 गांठ बोरे उपलब्ध हैं और सभी क्रय केंद्रों तक पहुंचा दिए गए हैं। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी बोरों की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में गेहूं की कटाई जारी है, जिससे आने वाले दिनों में खरीद प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है। जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई रणनीति और व्यवस्थाओं के चलते किसानों में इस बार उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए उनकी उपज को उचित मूल्य पर खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है।







