Home आस्था गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

SONBADHR NEWS:  स्थानीय बाजार में संचालित मां शिव देवी स्नातकोत्तर महाविद्यालयके सरस्वती प्रांगण  में सोमवार को शाम करीब ६ बजे से बजे  जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती १००८ जी महाराज का ८१ दिवसीय गविष्ठि गो रक्षार्थ धर्म  यात्रा का स्वागत समाजसेवी जयप्रकाश पांडेय उर्फ चेखुर पांडेय व उनके माता -पिता ने सनातन धर्म के अनुसार विधिवत पूजा -अर्चन किया।  इस अवसर पर कार्यक्रम को  संबोधित करते हुए शंकराचार्य  ने कहा कि जो गौ माता की रक्षा के लिए सबसे ज्यादा बात करता है। वही इस यात्रा पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में गेरुआ घारण करने वाले मुख्यमंत्री के शासन में सबसे अधिक गो हत्या हो रही है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण अपने आचरण को सदैव शूद्ध रखते हुए जनमानस के कल्याण हेतु सदैव अपनी अहम भूमिका का निर्वहन करते रहें। उन्होंने यहां भी कहा कि अधिकांश मीडिया वालों की भी भूमिका चिंता जनक होती जा रही है। इसलिए गुमराह होने से बचें। घोरावल क्षेत्र में गौशाला निर्माण की जिम्मेदारी समाज सेवी एवं मां शिव देवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के संस्थापक प्रबंधक जय प्रकाश पांडेय उर्फ चेखुर पांडेय को दी। इस दौरान उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग की।  यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। शाहगंज आगमन पर स्थानीय कार्यकर्ताओं और आमजन की हजारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य गो माता की रक्षा, संरक्षण तथा सनातन संस्कृति के प्रति समाज को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में गौ माता को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “गाय को गाय नहीं, कमाई बना दी गई है।” उन्होंने गौ संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि गो माता केवल पशु नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की आत्मा हैं। उन्होंने कहा कि “हमारे पूर्वजों ने जिसे मां कहा, अंग्रेजों ने उसे पशु की श्रेणी में डाल दिया।” उन्होंने आगे कहा, “गाय का खून और दूध एक पात्र में नहीं रह सकता, उसी प्रकार गौ हत्यारों का समर्थन करने वालों और गौ सेवकों की विचारधारा साथ नहीं चल सकती।” साथ ही समाज में बढ़ती वैचारिक विभाजन की प्रवृत्ति पर भी चिंता व्यक्त की।
कार्यक्रम में आयोजक जय प्रकाश पांडेय, सांसद छोटेलाल खरवार, ओमप्रकाश तिवारी, आचार्य शिवकुमार मिश्र शास्त्री,डाक्टर लोकपति सिंह पटेल,अशोक चौबे, विजय शंकर चतुर्वेदी, राम निहोर यादव, अरुण कुमार पाण्डेय, शिवपूजन विश्वकर्मा,राजेश कुमार विश्वकर्मा, अनिल कुमार पाण्डेय, सुनीता चौबे,राम रुप शुक्ला,प्रशांत सिंह संतोष कुमार नागर, सर्वेश कुमार श्रीवास्तव ,रामानुज धर द्विवेदी के अलावा तमाम गणमान्य लोग उपस्थित रहे।संचालन राकेश तिवारी ने किया। कार्यक्रम में सुबह से ही संगीत मय भजन कीर्तन होता रहा। जिसमें उपस्थित श्रोताओं ने भरपूर आनंद लिया।इस दौरान हजारों की संख्या में श्रोता मौजूद रहे।