KUSHINAGAR NEWS: कप्तानगंज तहसील के खोटही गांव में एक लिंटर कार्यक्रम के बाद मछली खाने से गांव के 10 लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी पीड़ितों को तत्काल एम्बुलेंस की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कप्तानगंज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, यह मामला फूड पॉइज़निंग का हो सकता है, रात का बचा हुआ खाना सुबह दोबारा खाने से हो सकता है।जानकारी के मुताबिक, गांव में किसी मकान की लिंटर डलने की खुशी में रात में मछली सहित अन्य व्यंजनों का भोज आयोजित किया गया था। अगले दिन सुबह बचे हुए खाने को फिर से गर्म कर कुछ लोगों में वितरित किया गया। यही खाना खाने के कुछ ही घंटों बाद कई लोगों को बुखार, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी।घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने 108 एम्बुलेंस सेवा को सूचित किया। तत्काल सभी बीमार लोगों को सीएचसी कप्तानगंज लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। डॉक्टरों की टीम ने समय रहते इलाज शुरू कर दिया, जिससे स्थिति नियंत्रण में रही। सीएचसी प्रभारी डॉक्टरों ने बताया कि सभी मरीज अब खतरे से बाहर हैं। प्रारंभिक जांच में यह मामला मछली से हुई फूड पॉइज़निंग का प्रतीत होता है। समय पर इलाज मिलने से किसी भी मरीज की हालत गंभीर नहीं हुई। अधिकतर मरीजों की हालत अब स्थिर है और जल्द ही उन्हें छुट्टी दी जा सकती है।डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि बचे हुए भोजन को दोबारा सेवन करने से पहले अच्छी तरह गर्म करें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। विशेष रूप से मानसून और गर्मी के मौसम में खाद्य सामग्री जल्दी खराब हो जाती है, जिससे फूड पॉइज़निंग की आशंका बनी रहती है।







