Home आस्था गज की पुकार पर भगवान नंगे पांव दौड़ पड़े

गज की पुकार पर भगवान नंगे पांव दौड़ पड़े

PRAYAGRAJ NEWS:  कोरांव के सुभाष महुंआव में चल रही भागवत कथा में श्रेयशानंद महराज ने कहा कि जब जल के भीतर गज और ग्राह संघर्ष कर रहे थे और लड़ते – लड़ते गज हार गया तब वह विष्णु भगवान को एक फूल सूढ़ में लेकर आर्त स्वर में बोला नारायण मेरी रक्षा कीजिए। इतना सुनते ही नारायण क्षीरसागर से नंगें पांव दौड़ पड़े और गजेन्द्र को ग्राह से छुड़ाया। भागवत कथा में श्रेयशानंद महराज ने समुद्र मंथन के बाद मोहिनी अवतार, हिरण्य कश्यप का नरसिंह भगवान के द्वारा बध का वर्णन तथा कृष्ण जन्म, रासलीला कंश बध का भी विस्तार से जानकारी दी गई। श्रेयशानंद महराज की कथा सुनने के लिए श्रोताओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। इसके अलावा कथा में  भगवान ऋषभदेव की कथा, महाराज भारत का चरित्र, जड़ भारत और रघुगढ़ की कथा, भारत भूमि की महिमा, सुखदेव जी द्वारा नरक का वर्णन, अजामिल उपाख़्यायन, प्रहलाद जी की कथा, देवासुर संग्राम, भगवान का मोहिनी अवतार, महाराज भगीरथ का चरित्र और गंगा मां का अवतार, सूर्यवंश और चंद्र वंश का वर्णन भी शामिल रहा।