ठेले की आड़ में आतंक का खेल, ISIS कनेक्शन वाला रिजवान दबोचा गया
KUSHINAGAR NEWS: जनपद के पडरौना नगर की शांत गलियों में एक बार फिर खौफ का साया गहरा गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में पडरौना के छावनी राइन मोहल्ले से रिजवान अहमद की गिरफ्तारी ने कुशीनगर जनपद, समेत पूरे प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया हैं। क्योंकि मामला महज रिजवान की गिरफ्तारी का नहीं, बल्कि कुशीनगर में पनप रहे आतंकी नेटवर्क की आशंका का है।
बेशक! स्पेशल सेल के हत्थे चढा रिजवान कोई नया नाम नहीं है। उसके तार पहले से ही खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़े रहे हैं। वर्ष 2017 में मुंबई ब्लास्ट जांच के दौरान उसके ठिकाने से विस्फोटक बरामद हुए थे और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का खुलासा हुआ था। छह साल जेल में रहने के बाद बाहर आया यह शख्स अब फिर संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाया गया जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चेतावनी है।
क्या कुशीनगर बन रहा है आतंकी ठिकाना?
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जिले में आतंकी संगठनों से जुड़े संदिग्धों की गिरफ्तारी हो चुकी है। बार-बार ऐसे मामलों का सामने आना इस बात का संकेत है कि कहीं न कहीं यह इलाका आतंकी नेटवर्क के लिए सॉफ्ट टारगेट बनता जा रहा है।
ठेले की आड़ में साजिश का खेल
रिजवान बाहर से एक सामान्य जिंदगी जीता दिख रहा था पडरौना में फूड स्टॉल लगाकर रोजी-रोटी कमाने वाला एक आम युवक। लेकिन एजेंसियों को शक है कि इसी आड़ में वह युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने और संगठन के लिए भर्ती करने का काम कर रहा था। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल व एटीएस के हत्थे चढ़े रिजवान के पास बम बनाने का सामान व कुछ जेहादी साहित्य बरामद हुआ है। पुलिस का कहना है कि वह आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए अपने नेटवर्क से संदिग्धों को जोड़ रहा था और कई वीआईपी जगहों की उसने रेकी भी की थी।वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे टेलीग्राम, सिग्नल और इंस्टाग्राम के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर्स के लगातार संपर्क में था और उनके निर्देश पर ही अपने मॉड्यूल में नौजवानों को जोड़ने में जुटा था।उसके पास से मिले मोबाइल, लैपटॉप और जिहादी साहित्य अब कई बड़े खुलासों की कुंजी माने जा रहे हैं।
दिल्ली में पूछताछ, खुल सकते हैं बड़े राज
ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले जाए गए रिजवान से स्पेशल सेल गहन पूछताछ कर रही है। जांच का फोकस उसके नेटवर्क, फंडिंग, संपर्कों और संभावित साजिशों पर है। यह भी खंगाला जा रहा है कि वह अकेला खिलाड़ी था या किसी बड़े मॉड्यूल का हिस्सा।
जिले में हाई अलर्ट
आईएसआईएस से जुडे संदिग्ध रिजवान अहमद की गिरफ्तारी के बाद कुशीनगर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। एसपी केशव कुमार ने साफ निर्देश दिए हैं “जिले में किसी भी संदिग्ध गतिविधि को हल्के में न लिया जाए।” स्थानीय पुलिस रिजवान के संपर्क में रहे हर शख्स की पड़ताल कर रही है।
खौफ, सवाल और साजिश की परतें
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने आम लोगों के बीच डर और असुरक्षा की भावना बढ़ा दी है। सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या कुशीनगर की जमीन पर आतंकी सोच जड़ें जमा रही है?
फिलहाल, जवाब जांच एजेंसियों के पास है… लेकिन इतना तय है कि यह गिरफ्तारी आने वाले दिनों में कई चौंकाने वाले खुलासों का दरवाजा खोल सकती है।







