Home उत्तर प्रदेश किसानों को मृदा परीक्षण के महत्व की दी जानकारी

किसानों को मृदा परीक्षण के महत्व की दी जानकारी

KAUSHAMBI NEWS: कृषि विभाग, कौशाम्बी द्वारा किसानों को मृदा की गुणवत्ता सुधारने एवं फसल उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से “मृदा स्वास्थ्य एवं मृदा उर्वरता प्रबंधन” विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में  कृषि विभाग के ए टी एम,बी टी एम,प्राविधिक सहायक एवं कृषि सखियो ने सहभागिता की।कार्यक्रम का शुभारंभ उप कृषि निदेशक सतेन्द्र तिवारी ने करते हुए कहा कि मृदा की उर्वरता को बनाए रखने लिए निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता है,और वैज्ञानिको की सलाह लिया जाए। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. मनोज कुमार सिंह, वैज्ञानिक (मृदा विज्ञान) कृषि विज्ञान केंद्र एवं मृदा परीक्षण प्रयोगशाला प्रभारी, तथा विकास कुमार द्वारा किसानों को वैज्ञानिक ढंग से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। विशेषज्ञों ने मृदा परीक्षण के महत्व, मृदा स्वास्थ्य कार्ड की उपयोगिता, संतुलित उर्वरक प्रयोग, जैविक एवं हरी खादों के उपयोग, फसल अवशेष प्रबंधन तथा मृदा की उर्वरता बनाए रखने के व्यावहारिक तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी।मृदा वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि बिना मृदा परीक्षण के उर्वरकों का प्रयोग करने से लागत बढ़ती है और मृदा की गुणवत्ता प्रभावित होती है। वहीं विकास कुमार ने किसानों को मृदा सुधार एवं पोषक तत्व प्रबंधन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया।एवं हरी खाद,वर्मी कम्पोस्ट, फसल अवशेष को सड़ाकर मृदा मे जीवांश कार्बन एवं कार्बनिक पदार्थ मे वृद्धि के बारे मे विस्तृत जानकारी दी। उक्त अवसर पर बीटीएम, एटीएम, टीए एवं कृषि सखी सहित कृषि विभाग के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षणार्थियो की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया एवं टिकाऊ व लाभकारी कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।