SAHARANPUR NEWS: सोमवार मोहल्ला जाकिर हुसैन में स्थित मरहूम चेयरमैन सिराजुल हसन के इमामबाड़ा में फिरोज़ हैदर की अध्यक्षता में मजलिस का आयोजन किया गया जिसको मौलाना गमखार हैदर ने संबोधित किया। उन्होनें कहा यज़ीद इब्ने माविया ने कर्बला में जो 72 शहीद कर दिए थे और बीबीयों को कैद कर लिया था जो 20 चेहल्लुम को रिहा कर दी गई थी। जो अपने वतन मदीना आ गई थी। उसके बाद मुख्तार जो हुसैन अलैहिस्सलाम के चाहने वाले थे उनकी गुफा पर हुकूमत आई तो जनाबे मुख्तार ने ख़ूने हुसैन का बदला लिया। जनाबे मुख्तार ने 72 शहीदों के कातिलों को चुन चुन कर मारा। और जनाबे मुख्तार ने आठ रबीउल अव्वल को कुछ सर तोहफे के तौर पर मदीना हुसैन अलैहिस्सलाम के घर पहुंचवाए। आज उसी ख़ुशी में पूरी दुनिया के शियाओं ने शौक बढ़ा खुशी से झूमे और नाराए हैदरी या अली हुसैनीयत जिंदाबाद के नारे लगाए। मजलिस के बाद अंजुमने हैदरी ने जुलूस निकाला जिसमें काला ताज़िया ज़ुल्जना व अलम बरामद कर और सीना ज़नी करते हुए शीश महल होते हुए बड़े इमाम बाड़े पहुंच कर जुलूस को समाप्त किया। मर्सिया खानी तासीर हुसैन व जाबिर गाज़ी ने की। नोहा खानी आज़म,समर अब्बास, कमर अब्बास, फैज़, शिबू, बिलाल, अयान, ने की सोगवार सदर अली इमाम, तहरीर अब्बास नकवी, मूसा इमाम,ज़ायर हुसैन चांद तारीफ़, काज़िम, मुसर्रत रमीज़, चंदू,साक़ीब, अरमान, शाने हैदर, आलमदार, शानू, खतीब, बासी आज़ादार, रईस हैदर,रेहान हैदर, अली अब्बास आदि सैकड़ों लोग शामिल रहे।







