AURAIYA NEWS: कस्वा क्षेत्र के ग्राम चांदूपुर में चल रही कथा में आचार्य मुनेंद्र द्विवेदी ने बताया कि मानव जीवन कष्टों से भरा होता है इन कष्टों से मुक्ति पाने के लिए भगवान तो भक्तों के प्रेम के भूखे होते है भगवान के नाम मात्र से सभी कष्ट दूर हो जाते है। जिसमे आचार्य मुनेंद्र द्विवेदी ने पारीक्षित विनोद कुमार कुशवाहा अपनी पत्नी गीता, के साथ उपस्थित श्रद्धलुओं को भगवान की कथा में गोवेर्धन लीला की कथा सुनी जिसमे कथा का बखान करते हुए आचार्य जी ने बताया कि मथुरा में जब इंद्र देव् ने अपनी शक्ति से भारी बरसात कर दी जिससे चारों ओर त्राहि त्राहि होने लगी तब भगवान कृष्ण ने गोवेर्धन पर्वत से कहकर अपनी तर्जनी पर धारण कर लिया और सभी प्राणियों को उसी के नीचे बुलाकर उनके प्राणों की रक्षा की बाद में आचार्य जी ने भगवान के पराक्रम का भी बखान किया। साथ ही जब मथुरा से संकट टल गया तो भगवान ने उसी दिन से सभी बृज बसियो से गोबर्धन पर्वत की पूजा अर्चना कराना शुरू कर दिया। बाद में आचार्य जी ने भगवान कृष्ण और रुक्मिणी जी के विवाह का मनमोहक बखान किया जिससे श्रद्धालु भाव विभोर हो गए साथ ही छोटे छोटे बच्चों की सजीव झाँकियों ने देवी पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। साथ ही आचार्य ने विवाह के मंगलाचार गाकर स्रोताओं को झूमने को मजबूर कर दिया।
वही कार्यक्रम की व्यबस्था में विनोद कुशवाहा, आलोक दीक्षित, सीपू राजावत, सोभित, पंकज, अनुज, प्यारे लाल, सोनू, कमल सिंह राजपूत, सुधीर सहित तमाम लोगों ने व्यबस्था को संभाला।







