PRATAPGARH NEWS: बेलहा के समीप हिरउ का पुरवा में हो रही श्रीमद् भागवत कथा में रविवार को भगवान श्रीकृष्ण के लोकावतार के मंगल पर जुड़ी कथाओं को सुन श्रद्धालु भावविभोर हुये दिखे। कथाव्यास छोटी काशी राजातारा से पधारे आचार्य धीरेन्द्रपाल कृष्ण त्रिपाठी जी ने बताया कि बाल्यावस्था में ही भगवान श्रीकृष्ण के हाथों राक्षसी प्रवृत्तियों का विनाश होने लगा। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की इन लीलाओं को देखसुन पृथ्वी पर सुख शान्ति के मंगल मार्ग का शुभ संकेत भी मिलने लगा। आचार्य धीरेन्द्र जी ने बताया कि कन्हैया का गो माता के प्रति प्रेम की लीला हमें जीव के प्रति दया और संरक्षण का भाव समझाया करती है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का माखन प्रेम ममता और मातृत्व को सम्मान का भाव लिये हुये है। कथा व्यास ने द्वारिकाधीश की उपासना को जीवन के भूले बिसरे पाप से मुक्ति का सबसे सुगम उपाय बताया। उन्होंने कहा कि द्वारिकाधीश के जप में मनुष्य को स्वतः पाप से मुक्ति मिल जाया करती है। कथा के दौरान श्रीराधे संकीर्तन में भी श्रद्धालुओं को मगन देखा गया। वहीं आयोजक रामदुलारे यादव ने श्रद्धालुओं के साथ कथाव्यास को सम्मानित भी किया। इस मौके पर इं. अतुल शुक्ला, पप्पू तिवारी, राजू सिंह, रंजन सिंह, अभिनव शुक्ला, महेन्द्र पाल तिवारी, संगम लाल दुबे, ऋषभ तिवारी, राजाराम यादव, श्याम नारायण तिवारी, विजय यादव, केशवदत्त पाण्डेय, आचार्य पवन द्विवेदी, रामदेव यादव, विपिन यादव, मिथलेश यादव आदि मौजूद रहे।





