मेला क्षेत्र के आधा दर्जन प्रमुख स्थानों पर दिन, रात श्रद्धालु खा रहे खाना
अन्न दान से करनी है सभी की सेवा: गुरुदेव
PRAYAGRAJ NEWS: माघ मेला, अर्द्धकुंभ, महाकुंभ में 49 वर्ष से सबसे विशाल अन्न क्षेत्र चलाने वाली प्रमुख संस्था ओम नमः शिवाय प्रयागराज की ओर से आज से मेला क्षेत्र के आधा दर्जन प्रमुख स्थानों पर विशाल भण्डारा दिन, रात शुरू हो गया है जहां बडी संख्या में श्रद्धालु और मेला क्षेत्र में काम करने विभागों के बडी संख्या में कर्मचारी भण्डारे का प्रसाद ग्रहण कर रहे है। यह भण्डारा माघ मेले के दौरान दिन, रात चलता रहेगा जिसमें श्रद्धालु दिन, रात परिवार सहित प्रसाद लेते है। ओम नमः शिवाय का भण्डारा मेला क्षेत्र में लाल रोड, किला चैराहा, त्रिवेणी रोड, मेला प्रशासन कार्यालय के सामने, संगम अपर मार्ग और दारागंज रामदेशिक संस्कृत विधालय के सामने चलता है जहां प्रतिदिन बडी संख्या में श्रद्धालु और मेला क्षेत्र में काम करने वाले हजारों कर्मचारी दिन, रात प्रसाद ग्रहण कर रहे है। ओम नमः शिवाय के स्वयं सेवक श्रद्धापूर्वक लोगो को भण्डारे का प्रसाद खिला रहे है। ओम नमः शिवाय के शिविर व्यवस्थापक शिवम ने बताया कि विशाल भण्डारा आज से शुरू हो गया है। सबसे प्रमुख भण्डारा परेड की लाल रोड मे शुरू हो गया है जहां से खाना बनने के बाद मेला के क्षेत्र के कई स्थानो और संगम तक श्रद्धालुओं और कर्मचारियों में खिलाया जा रहा है जबकि अगले तीन, चार दिनों में किला चैराहा, त्रिवेणी रोड, मेला प्रशासन कार्यालय के सामने, संगम अपर मार्ग और दारागंज रामदेशिक संस्कृत विधालय के सामने दिन, रात भण्डारा शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि खाने में पूडी, कचैडी, सब्जी, रोटी, दाल, चावल, हलवा, रसगुल्ला, डोसा, तहरी, रायता, पापड, कढी, चावल, बूंदी, दाल सहित अन्य खाध सामग्रियां श्रद्धालुओं और कर्मचारियों को खाने के लिए दिया जा रहा है। ओम नमः शिवाय के पूज्य गुरुदेव ने सहयोग के लिए मेला प्रशासन के अफसरों को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि अन्नदान से सबकी सेवा करता रहूंगा जिससे कि मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को खाने की कोई परेशानी ना होने पाये। उल्लेखनीय है कि ओम नमः शिवाय की ओर से प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ, सीतापुर और अयोध्या मे लाक डाउन के दौरान और वर्तमान मे सभी जिलों के मेडिकल कालेज, चिल्ड्रन हास्पिटल और विश्व विधालयों के छात्र, छात्राओं को निरूशुल्क खाना सुबह, शाम पांच वर्ष से खिलाया जा रहा है।







