Home उत्तर प्रदेश एक दिवसीय जनपद स्तरीय, मिलेट्स मेला सह प्रदर्शनी” का हुआ शुभारंभ

एक दिवसीय जनपद स्तरीय, मिलेट्स मेला सह प्रदर्शनी” का हुआ शुभारंभ

फीता काटकर व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का जिलाधिकारी ने किया शुभारंभ

FATEHPUR NEWS: उ०प्र० मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के अंतर्गत श्री अन्न (मिलेट्स) सरदार वल्लभ भाई पटेल प्रेक्षागृह में आयोजित “एक दिवसीय जनपद स्तरीय मिलेट्स मेला सह प्रदर्शनी” का शुभारंभ फीता काटकर एवं नेशनल मिशन ऑन एडिबिल ऑयल योजनांतर्गत “तिलहन मेले” का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर जिलाधिकारी रविन्द्र सिंह ने किया। जिलाधिकारी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल प्रेक्षागृह में प्रदर्शनी में लगाई गई स्टालों का अवलोकन किया और संबंधितों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिये। कार्यक्रम में जादूगर सागर सम्राट के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं नाट्य कार्यक्रम का प्रस्तुतीकरण करते हुए उसके माध्यम से कृषकों को मिलेट्स / श्री अन्न के लाभ, क्षेत्राच्छादन विस्तार, खेत का पानी खेत में रखने, नहर कटान न करने, फसल अवशेष को न जलाने, वैज्ञानिक ढंग से खेती करने, संतुलित उर्वरक का प्रयोग करने, कृषि के साथ कृषकों को पशुपालन कर अधिक आय प्राप्त करने की अपील की गयी। साथ ही छात्र – छात्राओं ने भी नुक्कड़ नाटक के माध्यम से श्री अन्न की महत्वा प्रदर्शित की, साथ ही संस्कृतिक कार्यक्रम की मनमोहक प्रस्तुति भी दी। जिलाधिकारी द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित कृषकों की अपील गयी कि जो भी उन्हें तकनीकी जानकारी जनपद स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में होती है उन्हें अन्य कृषकों के मध्य अवश्य साझा करे ताकि अन्य कृषक भी लाभान्वित हो। नवीन कृषि तकनीक का उपयोग करने, मिलेट्स, तिलहनी फसलों की खेती करने, श्री अन्न की खेती कर कम लागत व श्रम में अधिक उत्पादन प्राप्त कर आय में वृद्धि हेतु कृषकों को जागरूक किया गया एवं श्री अन्न के क्षेत्राच्छादन विस्तार करने की अपील की गयी। उन्होंने उप कृषि निदेशक को निर्देशित किया कि मिलेट्स को बढ़ावा देने के लिए जनपद के होटलों, रेस्टोरेंट संचालकों के साथ बैठक कर मिलेट्स की रेसिपी बनाने के लिए प्रोत्साहित करे। उन्होंने कहा कि मिलेट्स का प्रयोग करने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और मिलेटस की फसलों की उत्पादन के लिए जल की भी आवश्यकता कम होती है। उन्होंने कहा कि कृषक भाई मिलेटस की फसलों की शुरुआत छोटे क्षेत्रफल से करे और इसका प्रयोग करने से आप स्वयं लाभान्वित होगे। उन्होंने कहा कि मिलेट्स उत्पादन/उपयोग करने वालों का प्रदर्शन कराया जाय ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभान्वित किया जा सके।
सत्येन्द्र सिंह, उप कृषि निदेशक द्वारा कृषकों को शासन की लाभार्थी परख योजनाओं की जानकारी देते हुए श्री अन्न (मिलेट्स) एवं तिलहनी व दलहनी फसलों की खेती किये जाने की अपील की गयी। डॉ वेदवृत्त गंगवार, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी द्वारा बैकयार्ड पोल्ट्री व बकरी पालन योजना, भेडपालन योजना के अनुदान एवं लाभ के बारे में विस्तार से कृषकों को बताते हुए पशुपालन करने एवं पशुओं में टीकाकरण समय से कराये जाने की अपील की गयी ताकि कृषक रोगों से पशु हानि से बचाव कर सके। गोपाल कृष्णा, अग्रणी जिला प्रबन्धक द्वारा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, अटल पेंशन योजना, स्वर्ण ऋण योजना, विद्या ऋण आदि विभागीय योजनाओं के बारे में कृषकों को बताते हुए जनधन खातों में ईकेवाईसी कराये जाने की अपील की गयी ताकि योजनाओं का लाभ कृषकों को प्राप्त हो सके। कृषकों से अधिक से अधिक संख्या में बोई गयी फसल का फसल बीमा कराने एवं किसान क्रेडिट कार्ड को बनाये जाने की अपील की गयी। डॉ० सुनील कुमार, उद्यान निरीक्षक द्वारा एकीकृत बागवानी मिशन योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत टिश्यूकल्चर केला, आम, अमरूद एवं पपीता पर देय अनुदान तथा उन्नतशील खेती किये जाने हेतु कृषकों को जागरूक करते हुए तकनीकी जानकारी प्रदान की गयी। मसाला की खेती तथा आच्छादन क्षेत्र विस्तार हेतु लहसुन, मिर्च, प्याज एवं हल्दी की खेती करने हेतु कृषकों को प्रेरित किया गया। उनके द्वारा ड्रैगन फूट, स्ट्रावेरी की खेती को करने तथा अधिक लाभ प्राप्त करने की तकनीकी विधाये बतायी गयी। इसके साथ ही बागवानी अवसंरचना विकास व फल क्षेत्र विस्तार हेतु ईकाई की अधिकतम लागत एवं अनुदान के बारे में कृषकों को अवगत कराया गया। इसके साथ ही कृषकों को उद्यान विभाग की नर्सरी से सब्जी की खेती करने वाले इच्छुक कृषकों को उद्यान की पौधशाला से पौध प्राप्त कर सब्जी की उन्नतिशील खेती करने व स्प्रिंकलर सेट के माध्यम से फसल की सिंचाई करने तथा लतावर्गीय सब्जी की फसल के साथ अन्य सब्जी की खेती कर कम लागत व श्रम में अधिक उत्पादन व अधिक आय प्राप्त करने की जानकारी दी गयी।
डॉ साधना वैश्य, प्रभारी अधिकारी, कृषि विज्ञान केन्द्र के द्वारा श्री अन्न/मिलेट्स फसलों की खेती व उसके लाभतथा मिलेट्स फसलों से अधिक उत्पादन प्राप्त करने, मूल्य संवर्धन, फूड सिक्योरिटी एवं पोषण सुरक्षा के बारे कृषकों को अवगत कराते हुए तकनीकी जानकारी दी गयी एवं श्री अन्न (मोटे अनाज) की अधिक से अधिक खेती कर क्षेत्राच्छादन विस्तार की अपील की गयी। डॉ जितेन्द्र सिंह, कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र के द्वारा कृषकों को श्री अन्न/मिलेट्स के उपभोग, लाभ एवं मिलेट्स के विभिन्न फसले एवं उनका महत्व, मिलेट्स के विभिन्न फसलों यथा-ज्वार बाजरा, सांवा, कोदो एवं महुआ (रागी) आदि के बीज उत्पादन की तकनीकी जानकारी, मिलेट्स के विभिन्न फसलों के बीज विधायन की प्रक्रिया, बीज की पैकेजिंग, बीज प्रमाणीकरण एवं बीज भण्डारण की प्रकिया, मिलेट्स के विभिन्न प्रकार के उत्पाद एवं उन्हें तैयार करने की विधि के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके साथ ही अतिवर्षा के कारण यदि खरीफ फसलें प्रभावित हुई है तो आकस्मिक शस्य प्लान के अनुसार तोरिया/सरसों की कम अवधि की प्रजाति की बुआई कर लाभ प्राप्त करने की अपील की गयी। उनके द्वारा संतुलित उर्वरक के प्रयोग के साथ जैविक खेती, प्राकृतिक खेती को अपनाने एवं मृदा में नत्रजन की वृद्धि हेतु वैचा की बुआई करने की अपील की गयी ताकि मृदा की भौतिक एवं रासायनिक दशा में सुधार हो सके। इस अवसर पर पवन कुमार मीना, मुख्य विकास अधिकारी, सत्येन्द्र सिंह, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी, सदर व बिन्दकी, भूमि संरक्षण अधिकारी, रा० जला०, भूमि संरक्षण अधिकारी, ई०ई०सी०, अग्रणी जिला प्रबन्धक, मत्स्य विकास अधिकारी, उद्यान निरीक्षक, जिला प्रबन्धक, फसल बीमा कम्पनी, डॉ जितेन्द्र सिंह, कृषि वैज्ञानिक, डॉ साधना वैश्य, कृषि वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र सहित अन्य अधिसंख्य कृषकगण उपस्थित हुए।