Home उत्तर प्रदेश एआईएमआईएम पार्टी में शामिल हुए सैकड़ो लोग

एआईएमआईएम पार्टी में शामिल हुए सैकड़ो लोग

शोषित वंचित और मजलूमों के मसीहा हैं ओवैसी: सादिक अली

2027 में सपा समाप्त वादी पार्टी बनेगी मजलिस की होगी जीत : अमजद मंसूरी

JHANSI NEWS: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल पार्टी के बुंदेलखंड कार्यालय पर आज हाजी सैयद सादिक अली के नेतृत्व में सैकड़ो लोगों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. इस मौके पर समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस आदि पार्टी को छोड़कर लोगों ने मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लेमीन पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. इस मौके पर हाजी सैयद सादिक अली ने सभी को हर फूल माला पहनकर पार्टी में शामिल किया. समाजवादी पार्टी छोड़कर ए एम आई एम में शामिल हुए अमजद मंसूरी के कहा कि अब वक्त आ गया है कि हम असदुद्दीन ओवैसी के हाथों को मजबूत करें क्योंकि वंचितों मजलूमों और गरीबों के हक की आवाज इस वक्त हिंदुस्तान में सिर्फ और सिर्फ असदुद्दीन ओवैसी ही उठा रहे हैं और संविधान के डायरे में सब के हक के लिए बात रखते हैं. हाजी सैयद सादिक अली ने सभी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा के मजलिस-ए-इत्तेहादुल का कारवां उत्तर प्रदेश में अब बहुत तेजी से बढ़ रहा है और आगामी जिला पंचायत चुनाव में पार्टी के बहुत सारे प्रत्याशी जीत दर्ज करके यह साबित भी कर देंगे. समाजवादी पार्टी छोड़कर मजलिस में शामिल हुए अमजद मंसूरी ने कहा कि मुस्लिम समाज जिसके ऊपर समाजवादी पार्टी हमेशा से अपना अधिकार समझती आ रही है अब वह मुस्लिम समाज पूरी तरह से जागरूक हो चुका है और अब उसने दरी बिछाने का काम बंद कर दिया है अब सूचित वंचित मुस्लिम समाज असदुद्दीन ओवैसी के पीछे पूरी तरह से लंबन होकर आगामी विधानसभा चुनाव में वंचितों मजलूमों और अल्पसंख्यकों हक और हुकुम की लड़ाई लड़ेगा समाजवादी पार्टी के ऊपर तंज करते हुए उन्होंने कहा की 2027 के चुनाव में समाजवादी पार्टी समाप्तवादी पार्टी होने जा रही है क्योंकि जिन वोटो के ऊपर यह अपना अधिकार समझते हैं आप उसमें इतनी बेदारी आ गई है कि वह अपनी हक के लिए खुद लड़ सके और ओवैसी साहब के पीछे चलकर सभी धर्म सभी समाज के लोगों के हक और हुकुम की हिफाजत कर सके. इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सचिव मोहम्मद् फुरकान महानगर अध्यक्ष नबी बख्श, पूर्व जिला अध्यक्ष अतहर अली, शाहरुख भाई, असलम खान, डॉ आर के पाल, फिरोज सक्लैनी, फहीम कुरेशी, बाबा अर्सलान, आतिफ खान, नौशाद भाई, मोनिस् भाई, फारुख, रवि, हलीम भाई, नदीम रज़ा आदि लोग मौजूद रहे।