Home उत्तर प्रदेश ईद मिलादुन्नबी पर घंटाघर चौराहे पर उमड़ा आशिकाने रसूल का हुजूम

ईद मिलादुन्नबी पर घंटाघर चौराहे पर उमड़ा आशिकाने रसूल का हुजूम

कर्बला की झांकी ने जीता दिल, इस्लाम-फैसल की ओर से प्रथम पुरस्कार में मिला फ्रिज
MIRZAPUR NEWS: (सुनील कुमार गुप्ता) ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के यौमे-पैदाइश की खुशी में शहर में निकाले गए जुलूस-ए-मोहम्मदी का घंटाघर चौराहे पर भव्य स्वागत किया गया। हर साल की तरह इस वर्ष भी अलम करम कमेटी की ओर से जुलूस में शामिल विभिन्न मोहल्लों की ओर से तैयार की गई आकर्षक झांकियों के आयोजकों को नकद पुरस्कार और अन्य इनाम देकर सम्मानित किया गया। कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद इस्लाम और उपाध्यक्ष टीपू सुल्तान की अगुवाई में जुलूस-ए-मोहम्मदी का तहेदिल से खैरमकदम किया गया।  विभिन्न मोहल्लों से निकले जुलूस इमामबाड़ों से होकर घंटाघर चौराहे से गुजरे। जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। जुलूस में शामिल लोगों ने अपनी-अपनी झांकियों के जरिए धार्मिक और ऐतिहासिक संदेश प्रस्तुत किए। किसी ने मस्जिद की झांकी तैयार की तो किसी ने अनोखी कब्र का दृश्य प्रस्तुत किया। वहीं हथिया फाटक मोहल्ले से निकाली गई कर्बला के दृश्य और मौला हुसैन अलैहिस्सलाम के रौजे से जुड़ी झांकी ने घंटाघर चौराहे पर मौजूद लोगों का खूब ध्यान खींचा।  झांकी तैयार करने वाले हुनरमंदों ने अपनी कला और मेहनत का शानदार प्रदर्शन किया। अलम करम कमेटी की ओर से कर्बला की झांकी को प्रथम पुरस्कार के रूप में फ्रिज दिया गया। इसके अलावा विभिन्न झांकियों और आयोजकों को मिलाकर 50 हजार रुपये से अधिक की नकद पुरस्कार राशि सहित अन्य इनाम देकर सम्मानित किया गया। घंटाघर चौराहे पर जुलूस के स्वागत के दौरान नात और कव्वाली सुनकर लोग झूम उठे। जुलूस में शामिल लोगों के लिए पानी, विभिन्न प्रकार के कोल्ड ड्रिंक, बिस्कुट, नमकीन, मिठाई समेत खाने-पीने की कई चीजों का वितरण किया गया। इस दौरान जुलूस में शामिल उलेमा-ए-कराम और सम्मानित लोगों को शॉल ओढ़ाकर तथा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस भी मुस्तैद रही। शहर कोतवाल दयाशंकर ओझा अपने हमराहियों के साथ घंटाघर चौराहे पर डटे रहे। पुलिस की निगरानी में जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
इस मौके पर मोहम्मद इस्लाम, फैसल साहब, वाहिद, शाहिद समेत अलम करम कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।