बैठक में बोलतीं आशा यूनियन की राष्ट्रीय नेता वीणा गुप्ता
ETAWA NEWS: कम छात्र संख्या के नाम पर बंद किये जा रहे परिषदीय स्कूलों को बंद से रोके जाने, आशा, रसोइयों, आंगनबाड़ी व सभी स्कीम वर्कर्स को कर्मचारी का दर्जा, 26 हजार वेतन, किसानों को एसपी की गारंटी, बिजली निजीकरण रोकने और श्रम सहिताओं को रद्द करने आदि समस्याओं को लेकर 9 जुलाई को केंद्रीय श्रम संगठनों, आशा, रसोईया, आंगनवाड़ी, शिक्षा मित्र एवं रोजगार सेवकों के आवाहन पर होने वाली देशव्यापी हड़ताल के तहत इटावा कचहरी पर धरना प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। उक्त विचार आशा यूनियन की राष्ट्रीय नेता वीणा गुप्ता ने आशा, रसोईया ,आंगनवाड़ी, किसानों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने आगे कहा कि केंद्र और राज्य सरकारे कर्मचारी, किसानो आशा, रसोईया, आम जनता महिला विरोधी है। जो लगातार इन लोगों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। परिषदीय स्कूलों को कम छात्र संख्या के नाम पर बंद करके गरीबों के बच्चों को शिक्षा से दूर रखने का प्रयास किया जा रहा है। इसी प्रकार बिजली, स्वास्थ्य व अन्य विभागों को भी निजीकरण करके आम जनता को और गरीबी में ढकेला जा रहा है। आशा यूनियन की प्रदेश महासचिव संगीता कश्यप ने कहा कि आज स्कीम वर्क्स बड़ी समस्याओं से जूझ रहे है मजबूर होकर 9 जुलाई को होने वाली हड़ताल में पूरी ताकत से भाग लेकर सफल बनाया जाएगा। आशा रसोईया के यूनियन की प्रांतीय नेता एवं सीटू के जिला संयोजक अमर सिंह शाक्य ने कहा कि 9 जुलाई की मजदूर संगठनों की हड़ताल को किसान सभा ने भी समर्थन दिया है। किसान सभा के जिला मंत्री संतोष राजपूत, उपाध्यक्ष रामबरन यादव, सुनीला भदोरिया, रजनी देवी, विजय देवी ,अनीता यादव, उर्मिला देवी, सुघरश्री आदि ने भी विचार व्यक्त किए। आशा यूनियन की जिलाध्यक्ष शकुंतला देवी, रसोईया यूनियन से उमा देवी और किसान सभा से विश्राम सिंह वैद्य के अध्यक्ष मंडल ने अध्यक्षता की। संचालन सुमित्रा ने किया।







