महाविद्यालय शिक्षा,ज्ञान के साथ संस्कार,लोक संस्कृति का है संवाहक- विनीता जायसवाल
प्रयागराज। आर्य कन्या डिग्री कॉलेज, प्रयागराज तथा उत्तर प्रदेश पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की ओर से आज सार्थक सांस्कृतिक उत्सव का भव्य आयोजन हुआ। दो दिवसीय चलने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारम्भ श्लोक समागम माटी की महक अपनों का साथ से हुआ जिसे दीप प्रज्जवलन व गायत्री मंत्र उच्चारण के साथ प्रारम्भ किया गया। कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन महाविद्यालय के शासी निकाय के अध्यक्ष पंकज जायसवाल ने दिया। उन्होंने बताया कि लोक संस्कृति, लोकनृत्य एवं लोकगीत युवाओं में भारतीयता एवं राष्ट्रवाद की भावना का संचरण करते हैं।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती विनीता जायसवाल ने कहा कि यह महाविद्यालय शिक्षा, ज्ञान के साथ संस्कार एवं लोक संस्कृति का संवाहक बना हुआ है। विशिष्ट अतिथि महापौर गणेश केसरवानी ने कहा कि भारत की लोक परम्परायें ही भारत की जान है, जो उसे राष्ट्रपुरूष बनाती है। ललित कला की विभिन्न विधाओं के माध्यम से हम सभी अपने देश की संस्कृति से जुड़ पाते है।
कार्यक्रम के मुख्य कलाकारों के क्रम में प्रयागराज के प्रसिद्ध गायक मनोज गुप्ता एवं उनकी टीम ने ये चमक ये दमक फुलवन में महक, सूरज की मर्मी से जलते हुए तन को मिल जाए तरूवर की छायाश् जैसे गीतो से सभी का मन मोह लिया। प्रो इभा सिरोठिया, डॉ रंजना त्रिपाठी, डॉ चित्रा व डॉ अंकिता चतुर्वेदी ने सुमधुर गायन प्रस्तुत किया। प्रसिद्ध भरतनाट्यम कलाकार उर्वशी जेटली एवं उनकी टीम ने शिव ताण्डव एवं महिषासुरमर्दिनी स्त्रोत पर नृत्य की प्रस्तुति दिया। प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना पूजा अग्रवाल ने गंगा अवतरण नृत्य नाटिका प्रस्तुत किया। प्रसिद्ध राजस्थानी लोक नृत्यांगना कृति श्रीवास्तव एवं उनकी टीम ने केसरिया बालम पधारो म्हारो देश पर नृत्य व अन्य राजस्थानी लोकनृत्य से सबका मन मोह लिया। महाविद्यालय की पुराछात्रा कत्थक नृत्यांगना वर्षा मिश्रा एवं उनकी टीम ने गणेश स्तुति, दुर्गा स्तुति प्रस्तुत की। सोनाली चक्रवर्ती एवं उनकी टीम ने राधा कृष्ण रासलीला, लट्ठमार होली एवं बरसाने की फूलो वाली की होली की प्रस्तुत दी।
कार्यक्रम की श्रंखला में स्व इन्दिरा जायसवाल निबन्ध प्रतियोगिता का परिणाम घोषित किया गया, जिसमें प्रथम पुरस्कार जाहनवी (आर्य कन्या) को 5,000-, द्वितीय पुरस्कार समृद्धि राय (आर्य कन्या) को 3000- एवं तृतीय स्थान कमलेन्द्र नाथ (ईश्वर शरण) को 2000- व पांच सान्त्त्वना पुरस्कार भी दिया गया। संचालन चीफ प्रॉक्टर डॉ रंजना त्रिपाठी एवं धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्या प्रो अर्चना पाठक ने दिया।
इस अवसर पर पूर्व कमिश्नर आरएस वर्मा, पूर्व सीएमओ डॉ पीके सिन्हा, नागरिक सुरक्षा के चीफ वार्डन अनिल प्रसाद केसरवानी, डॉ० हरिशचन्द्र जायसवाल, प्रो मंजुला जायसवाल, ज्योति भूषण गुप्ता, आर्य समाज चैक के प्रधान रवीन्द्र नाथ जायसवाल, डॉ अंकिता चतुर्वेदी, राधा सक्सेना, प्रो इभा सिरोठिया, प्रो अंजू श्रीवास्तव, प्रो नीलांजना जैन, डॉ कल्पना वर्मा, डॉ अमित पाण्डेय, डॉ चित्रा चैरसिया, डॉ मुदिता, डॉ ज्योति रानी जायसवाल, डॉ शशि, डॉ स्मिता, डॉ सव्यसांची, डॉ सोनमती, डॉ श्याम कान्त, डॉ पूजा जायसवाल, डॉ दामिनी, डॉ रागिनी, डॉ सोनम, डॉ आरती, डॉ भारती, डॉ सुधा, डॉ शिवानी एवं बड़ी संख्याओं में छात्राएं उपस्थित रहीं







