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आपात स्थिति में 108 एम्बुलेंस को मरीज़ को निजी अस्पतालों ले जाने की अनुमति होनी चाहिए :नितिन चौधरी 

JHANSI NEWS: तड़पते मरीजों का जल्द इलाज करा कर उसकी जान बचाई जा सके, इसके लिए सरकार ने निःशुल्क 108 एंबुलेंस की सेवा शुरू की है. लेकिन इसकी व्यवस्था पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं. आपातकालीन स्तिथि में इन मरीजों को सरकार की 108 एंबुलेंस एक निजी अस्पताल लेकर पहुंच रही . चिकित्सा अधिकारी ने निजी अस्पतालों को आदेश जारी किया गया है. वही सुपर स्पेशिलिटी यथार्थ हॉस्पिटल की फैसिलिटी  डायरेक्टर नितिन चौधरी एवं जनरल मैनेजर विकास कुमार  ने इस आदेश पर अपनी प्रतिक्रिया देते कहा सरकार अपनी प्रमुख योजनाओं में निजी संस्थानों को शामिल (सूचीबद्ध) करने के बावजूद, केवल सरकारी अस्पतालों में मरीज़ों को ले जाने के लिए अपनी एम्बुलेंस का इस्तेमाल करती है। 108 आपातकालीन प्रतिक्रिया सेवाओं द्वारा संचालित एम्बुलेंस को मरीज़ों को निजी अस्पतालों में ले जाने की अनुमति नहीं है। उन्होंने ने इस नियम में संशोधन की माँग की है, यह तर्क देते हुए कि आपात स्थिति में, एम्बुलेंस को मरीज़ को किसी भी अस्पताल, चाहे वह सरकारी हो या निजी, ले जाने की अनुमति होनी चाहिए। अगर कोई मरीज़ दिल का दौरा पड़ने पर 108 एम्बुलेंस सेवा को कॉल भी करता है, तो एम्बुलेंस उसे उसके सबसे नज़दीकी और सभी सुविधाओं से युक्त निजी अस्पताल नहीं ले जाएगी इसके बजाय, वह उस सरकारी अस्पताल में जाएगा जहाँ मरीज़ की जान बचाने के लिए “ज़रूरी” सुविधाएँ उपलब्ध नहीं होंगी। राज्य में अब कई निजी अस्पताल सरकार के आयुष्मान योजना से संबद्ध हैं, इसलिए मरीज़ों को निजी अस्पतालों में ले जाने के लिए सार्वजनिक एम्बुलेंस सेवाएँ प्रदान करने पर गंभीरता से विचार किया जा सकता है। आपातकालीन चिकित्सा देखभाल के लिए एम्बुलेंस सेवाओं तक पहुँच आवश्यक है।