जहां चाह होती है, वहां राह खुद बन जाती है : पूजा शर्मा
JHANSI NEWS: जहां एक ओर आज भी ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई बच्चे शिक्षा की मुख्यधारा से दूर हैं, वहीं दूसरी ओर जनपद की आसरा सोसाइटी इन बच्चों के जीवन में उजाला भरने का काम कर रही है। संस्था की अध्यक्ष पूजा शर्मा के नेतृत्व में प्रतिदिन सुबह विशेष पाठशाला का आयोजन कर आदिवासी एवं जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का सराहनीय प्रयास किया जा रहा है। सुबह की इस पाठशाला में बच्चों को केवल किताबों का ज्ञान ही नहीं दिया जा रहा, बल्कि उन्हें नैतिक संस्कार, स्वच्छता, अनुशासन और जागरूकता का पाठ भी पढ़ाया जा रहा है। संस्था की अध्यक्ष पूजा शर्मा का मानना है कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े बच्चे भी आत्मनिर्भर बन सकते हैं और अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। आसरा सोसाइटी की यह पहल उन बच्चों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी के कारण विद्यालयों तक नियमित रूप से नहीं पहुंच पाते। संस्था के सदस्य बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में यह प्रयास लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। स्थानीय लोगों ने भी संस्था के इस अभियान की जमकर सराहना की है और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताया है। संस्था अध्यक्ष पूजा शर्मा ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल बच्चों को पढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर नागरिक बनाना है ताकि भविष्य में यही बच्चे समाज और देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। आज के दौर में, जब कई बच्चे सुविधाओं के अभाव में अपने सपनों को अधूरा छोड़ने पर मजबूर हो जाते हैं, ऐसे समय में आसरा सोसाइटी की यह “सुबह की पाठशाला” उम्मीद, शिक्षा और बदलाव की नई मिसाल बनकर सामने आई है।







