Home उत्तर प्रदेश अपने मआशरे को करों दीनी तालीम से आरास्ताःमौलाना नादिर

अपने मआशरे को करों दीनी तालीम से आरास्ताःमौलाना नादिर

हाजी अब्दुल वहाब चरमपोश रह.के दो रोजा सालाना उर्स के मौके पर आयोजित किया गया जश्न-ए-ईद-मिलादुननबी           
BHADOHI NEWS: नगर के काजियाना मोहल्ला स्थित हजरत हाजी अब्दुल वहाब चरमपोश तिरमिजी रह.अलै.के 64वें सालाना उर्स मुबारक के पहले दिन शनिवार की रात जश्न-ए-ईद-मिलादुननबी का आयोजन किया गया। जिसका आगाज कुरआन-ए-पाक की तिलावत से हाफिज परवेज उर्फ अच्छे मियां ने की। इस दौरान इस्लाही तकरीर करते हुए मौलाना नादिर ने अपनी जिंदगी में सुधार लाने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि महफिल-ए-मिलाद में आने का मकसद सिर्फ शामिल होना नहीं, बल्कि अपने किरदार को बेहतर बनाना है। अपने घर और मआशरे को दीनी तालीम से अराफ्ता करो। मौलाना नादिर ने मौजूद लोगों से कुरआन-ए-करीम की तिलावत, नमाज की पाबंदी और बालिदैन की खिदमत करने पर खास जोर दिया। उन्होंने दरूद शरीफ की फजीलत भी बयान की। वहीं जश्न-ए-ईद-मिलादुननबी में शिरकत करने दूर-दराज से आए शायरों ने नबी-ए-करीम की शान में एक से बढ़कर एक नात-ए-पाक का नजराना पेश कर माहौल को रूहानी बना दिया। आजमगढ़ से आए शायर एहसान साकिर ने अपने कलाम से खूब दादों सुखन बटोरी। वहीं शायर जावेद आसिम, अशफाक कामिल, अखलाक खंजर, मुनिफुल हसन मकनपुरी, हाजी आजाद खां और अयान स्माइली बनारसी सहित कई शायरों ने भी नात-ए-पाक का नजराना पेश कर मौजूद लोगों को झूमने पर मजबुर कर दिया। महफिल-ए-मिलाद अकीदत, मोहब्बत और भाईचारे के पैगाम के साथ सम्पन्न हुई। इस मौके पर हाफिज अशफाक रब्बानी, चांद बाबू खां, अतीक खां, वसीम खां, पप्पू खां, शानू खां व जावेद कुरैशी आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम की निजामत अहद रिजवी मिर्जापुरी ने किया।