AURAIYA NEWS: अजीतमल तहसील परिसर में प्रैक्टिस करने वाले एक अधिवक्ता पर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के मामले में कोतवाली अजीतमल पुलिस ने दस नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है। घटना के बाद तहसील परिसर और अधिवक्ता समाज में रोष व्याप्त है अजीतमल के फिरोजनगर निवासी अधिवक्ता अनुज कुमार सागर पुत्र रमेश चन्द्र की तहरीर के अनुसार, 23 दिसंबर 2025 को शाम करीब 4:30 बजे वह तहसीलदार न्यायालय से लौट रहे थे। इसी दौरान तहसील परिसर में प्रैक्टिस करने वाले कुछ अधिवक्ताओं और उनके सहयोगियों ने एकराय होकर उन पर अचानक हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने जाति सूचक गाली-गलौज करते हुए तहसील में प्रैक्टिस न करने की धमकी दी और लात-घूंसे से मारपीट कर जमीन पर पटक दिया। हमले में अधिवक्ता को गंभीर चोटें आईं। घटना के समय उनके भाई गौरव कान्त के मौके पर मौजूद होने की बात भी तहरीर में कही गई है. पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद भी आरोपीगण खुलेआम धमकी दे रहे हैं कि यदि उसने मुकदमा दर्ज कराया या तहसील परिसर में दिखाई दिया तो उसकी हत्या कर दी जाएगी। पीड़ित ने पुलिस से मेडिकल परीक्षण कराए जाने और सुरक्षा की मांग की है। मामले में अजीतमल कोतवाली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 115(2), 191(2), 351(2), 352 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम 1989 (संशोधन 2015) की धारा 3(1)(द), 3(1)(ध), 3(2)(va) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है। इस संबंध में कोतवाल ललितेश त्रिपाठी ने बताया कि “तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है, साथ ही तहसील परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।







