चौधरी जयंत सिंह पर टिप्पणी शोभा नहीं देती : अशोक कुमार
JHANSI NEWS: राष्ट्रीय लोकदल के निवर्तमान प्रदेश सचिव एवं पूर्व उपाध्यक्ष सिंचाई बंधु झांसी अशोक कुमार निरंजन ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह को लेकर दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अशोक कुमार निरंजन ने कहा कि अखिलेश यादव को चौधरी जयंत सिंह पर टिप्पणी करने से पहले अपना और अपनी पार्टी का राजनीतिक इतिहास देख लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 1989 में लखनऊ में मुख्यमंत्री चयन को लेकर परिस्थितियां ऐसी थीं, जब चौधरी अजीत सिंह और मुलायम सिंह यादव के नाम पर चर्चा हुई थी। उस समय चौधरी अजीत सिंह की माताजी ने विधानसभा में कहा था कि दोनों हमारे लड़के हैं और विधायक दोनों में से किसी को भी मुख्यमंत्री चुन सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि उस समय चौधरी अजीत सिंह को मुख्यमंत्री चुना गया होता तो उत्तर प्रदेश का राजनीतिक परिदृश्य आज बिल्कुल अलग होता। उन्होंने दावा किया कि आज जो लोग चौधरी जयंत सिंह और उनके परिवार की राजनीतिक विरासत पर टिप्पणी कर रहे हैं, उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि उनकी अपनी राजनीतिक विरासत भी कहीं न कहीं पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय चौधरी चरण सिंह की विचारधारा और विरासत से जुड़ी रही है।
अशोक कुमार निरंजन ने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन व्यक्तिगत और ओछे बयान देना किसी भी वरिष्ठ राजनीतिक नेता को शोभा नहीं देता। चौधरी चरण सिंह की किसान, मजदूर और गांव-किसान आधारित राजनीति ने देश को एक मजबूत वैकल्पिक राजनीतिक दिशा दी थी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल चौधरी चरण सिंह की विचारधारा और चौधरी अजीत सिंह की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए किसान, मजदूर और आमजन की आवाज को मजबूती से उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता राजनीतिक बयानों और नेताओं के आचरण का जवाब अपने मताधिकार के माध्यम से देगी।
अशोक कुमार निरंजन ने कहा कि अखिलेश यादव को इस तरह के बयानों से बचना चाहिए और स्वस्थ राजनीतिक संवाद की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। जनता आगामी विधानसभा चुनाव में किसे स्वीकार करती है और किसे नकारती है, इसका फैसला चुनाव परिणाम में स्पष्ट हो जाएगा।







