JAUNPUR NEWS: मोहर्रम के अवसर पर आयोजित शोक कार्यक्रमों की श्रृंखला में 17 मोहर्रम को अंजुमन मासूमिया रजी० की शब्बेदारी का समापन हुआ। इसके ठीक बाद 18 मोहर्रम की रात को ष्18बनी हाशिम का ताबूतष्,का जुलूस 13 जुलाई की रात 8 बजे शुरू होकर 14 जुलाई की सुबह 5 बजे तक बेहद अकीदतमंदी और गमगीन माहौल में सम्पन्न हुआ। इस शब्बेदारी में देशभर से मशहूर अंजुमनों ने शिरकत की और अपने-अपने अंदाज में इमाम हुसैन अ.स. और उनके जानशीनों को नौहा पढ़कर पुरसा पेश किया। इस मौके पर
शिरकत करने वाली अंजुमनो में प्रमुख थीं, अंजुमन-ए-आगरिया कदीम (अमहट, सुल्तानपुर) अंजुमन-ए-पंजतनी (जफराबाद, जलालपुर), अंजुमन-ए-अजादारे हुसैनी (जफराबाद, जलालपुर), अंजुमन-ए-गुलशने इस्लाम (मित्तुपुर, आजमगढ़), अंजुमन-ए-जीनाते अजा (अलीगढ़, सुल्तानपुर),अंजुमन-ए-हुसैनिया खादीमे जुल्जना (सैदपुर, आजमगढ़), ने अपने नौहा और मर्सिया कलाम से गम का माहौल पैदा किया। हर अंजुमन ने न सिर्फ नौहा पढ़ा, बल्कि कर्बला के शहीदों की याद में अपना पुरसा भी पेश किया। इस दौरान धार्मिक अनुशासन और गहराई से भरी हुई मातमी फिजा देखने को मिली। कार्यक्रम के अंत में कोरान अंदाजी की गई जिसमें अंजुमन अंजुमन-ए-जीनाते अजा (अलीगढ़, सुल्तानपुर) को हाड़िया जुल्जना इनाम के रूप में दिया गया।







