NSO लखनऊ ने ASUSE एवं PLFS सर्वेक्षणों पर क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), लखनऊ क्षेत्र द्वारा ASUSE (Annual Survey of Unincorporated Sector Enterprises) एवं PLFS (Periodic Labour Force Survey) जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सर्वेक्षणों की उपयोगिता, महत्ता एवं इनके प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दिनांक 02 जनवरी 2025 को आंचलिक कार्यालय, लखनऊ के प्रशिक्षण हॉल में क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया।
इस क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र, रोजगार की स्थिति, श्रमबल की भागीदारी, उद्यमों की संरचना तथा विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से संबंधित विश्वसनीय, अद्यतन एवं सटीक सांख्यिकीय आंकड़ों के संकलन में ASUSE एवं PLFS सर्वेक्षणों की भूमिका को रेखांकित करना था । इन सर्वेक्षणों से प्राप्त आंकड़े केंद्र एवं राज्य सरकारों को नीति निर्धारण, योजनाओं के निर्माण, उनके प्रभाव के मूल्यांकन तथा भविष्य की विकास रणनीतियों को सुदृढ़ आधार प्रदान करते हैं।
इस क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर में क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ के विभिन्न कार्यालयों से लगभग 100 अधिकारी एवं क्षेत्र कर्मचारी सम्मिलित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सुचिता गुप्ता , उप महानिदेशक (DDG) ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने सर्वेक्षणों की गुणवत्ता, समयबद्धता तथा उत्तरदाताओं के सहयोग को सर्वेक्षण की सफलता की कुंजी बताया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मनोज कुमार , उप महानिदेशक, आंचलिक कार्यालय लखनऊ थे, उन्होंने फील्ड स्तर पर कार्यरत अधिकारियों के योगदान की सराहना करते हुए सर्वेक्षणों को देश के आर्थिक नियोजन के लिए अति महतवपूर्ण बताया । इस क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर में पुरुषोत्तम वर्मा, निदेशक आंचलिक कार्यालय लखनऊ, मोहम्मद तैय्यब , उप निदेशक, आंचलिक कार्यालय लखनऊ, डिंपल यादव, उप निदेशक क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ एवं सुश्री अंशिका वाजपेयी , सहायक निदेशक क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ उपस्थित रहे ।
शिविर के दौरान डेटा संकलन की प्रक्रिया, आंकड़ों की गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता, तकनीकी एवं प्रशासनिक चुनौतियों, क्षेत्रीय अनुभवों के आदान-प्रदान तथा सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। साथ ही ASUSE एवं PLFS सर्वेक्षणों को भविष्य में और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाने हेतु ठोस कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि आम जनता में सर्वेक्षणों के प्रति विश्वास एवं सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित किया जाए, जिससे उत्तरदाता सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध करा सकें। इससे प्राप्त आंकड़े न केवल सरकारी नीतियों और योजनाओं की दिशा तय करते हैं, बल्कि समाज के समग्र आर्थिक एवं सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
यह क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने, सर्वेक्षण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सार्थक पहल सिद्ध हुआ।







