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NEET पेपर लीक मामला: सुप्रीम कोर्ट ने CJP की याचिका पर तत्काल सुनवाई से किया इनकार

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सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार। दिल्ली पुलिस की छात्र प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई का मामला। मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “समय बर्बाद न करें।”

नई दिल्ली | NEET-UG पेपर लीक विवाद अब सड़क से सीधे सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। कोर्ट ने दिल्ली में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ CJP के मार्च के दौरान छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई की जांच की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है।
हाल ही में गठित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ CJP ने NEET में कथित धांधली और पेपर लीक के खिलाफ देशभर में विरोध किया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 5 घंटे का प्रदर्शन हुआ, जबकि नागपुर और हैदराबाद में भी CJP के बैनर तले युवा सड़कों पर उतरे।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें थीं – NEET की परीक्षा प्रणाली में सुधार, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
CJP के मार्च के दौरान छात्रों पर हुई कथित पुलिस ज्यादती को लेकर वकील नरेंद्र मिश्रा ने CJI सूर्यकांत की बेंच के सामने याचिका दायर की। याचिका में घटना की स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भी तुरंत सुनवाई से मना कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट पहले से ही NEET पेपर लीक को लेकर केंद्र और NTA पर सख्त है।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने कहा कि “जब तक परीक्षा कराने वालों की जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तब तक ऐसी गलतियां रुकना असंभव है”। कोर्ट ने NTA को UPSC से सीख लेने की नसीहत भी दी।
कोर्ट ने NTA और केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा बिना किसी गलती के संपन्न कराई जाए।
FAIMA और यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट ने NTA को भंग कर संसद के कानून से नई संस्था बनाने और रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में मॉनिटरिंग कमेटी गठित करने की मांग की है।
CBI जांच में नए खुलासे
CBI की जांच में पता चला है कि NEET-UG 2026 के दोनों पेपर सेट, जो 3 मई को हुए थे, परीक्षा से पहले ही लीक हो गए थे। बायोलॉजी और केमिस्ट्री के सवाल हूबहू क्वेश्चन बैंक से मिलते थे। इस मामले में कई लेक्चरर और कोचिंग संचालकों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
छात्र संगठनों का दबाव
NSUI और कांग्रेस समेत कई छात्र संगठनों ने भी मंत्री के इस्तीफे, CBI जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने और प्रभावित छात्रों को मानसिक व आर्थिक सहायता देने की मांग की है। कानपुर में कांग्रेस ने कहा कि “लगातार पेपर लीक से करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधकार में जा रहा है”।
सुप्रीम कोर्ट ने NTA से 2024 की कमेटी सिफारिशों पर उठाए गए कदमों का हलफनामा मांगा है। अब सबकी नजर 21 जून की दोबारा परीक्षा और CBI जांच की रिपोर्ट पर टिकी है।