Mumbai Metro में सफर करनेवालों के लिए बड़ी खबर, मिलेगा 5 लाख रुपये तक बीमा, जानें पूरी योजना
मुंबई मेट्रो ऑपरेशन कॉरपोरेशन ने मेट्रो लाइन 7 और 2ए (गुंडावली-दहिसर-अंधेरी पश्चिम) का उपयोग करने वाले सभी यात्रियों को बीमा कवर में लिया है। वार्षिक व्यापक बीमा पॉलिसी के तहत मृत्यु पर 5 लाख रुपये और स्थायी और आंशिक विकलांगता के लिए 4 लाख रुपये तक का मुआवजा देगी। वहीं ओपीडी का खर्च और अस्पताल में भर्ती होने का भी खर्च बीमा से दिया जाएगा।
साथ ही सरकार ने अब उनकी सुरक्षा का भी पुख्ता इंतजाम किया है। महामुंबई मेट्रो ऑपरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमएमएमओसीएल) के सभी यात्रिय़ों को ग्रुप इंश्योरेंस का लाभ मिलेगा। मेट्रो से सफर के दौरान दुर्घटना का शिकार होने और अस्पताल में भर्ती होने पर इलाज के लिए 1 लाख रुपये तक और 10 हजार रुपये ओपीडी के लिए मिलेंगे। दुर्घटना में मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये और अपंग होने पर नुकसान भरपाई के लिए 4 लाख रुपये का बीमा कवर दिया जाएगा
एमएमएमओसीएल के बीमा कवर का लाभ मेट्रो-7 और मेट्रो- 2 ए से वैध टिकट, मासिक पास, स्मार्ट कार्ड या क्यूआर कोड से टिकट लेकर सफर करने वाले यात्रियों को मिलेगा। बीमा पॉलिसी का लाभ मेट्रो स्टेशन इमारत, प्लेटफॉर्म, ट्रेन में, स्टेशन परिसर में मौजूद यात्रियों को मिलेगा। वहीं, स्टेशन परिसर के बाहरी क्षेत्र जैसे पार्किंग परिसर में कोई अप्रिय घटना होने पर यात्री को बीमा का लाभ नहीं मिलेगा
एमएमएमओसीएल के मुताबिक, बीमा का लाभ प्राप्त करने के लिए यात्रियों से कोई भी अतिरिक्त पैसे नहीं लिए जाएंगे। पिछले साल मेट्रो-7 और मेट्रो- 2 ए के 35 किमी रूट पर मेट्रो सेवा शुरू हुई थी। रोजाना 253 फेरी का संचालन होता है, जिसमें 1.5 लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं।
एमएमएमओसीएल के व्यवस्थापकीय संचालक एस.वी. आर. श्रीनिवास के मुताबिक, विश्वस्तरीय मानकों के आधार पर मेट्रो कॉरिडोर बनाया गया है। अत्याधुनिक सेवा के साथ ही यात्रियों को सुरक्षा मुहैया करवाने की जिम्मेदारी प्रशासन की है। इसलिए बीमा का सुरक्षा कवच उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुंबई में लोकल ट्रेन से रोजाना करीब 70 लाख यात्री सफर करते हैं। लोकल ट्रेन में सफर के दौरान रोजाना करीब 5 से 10 यात्री दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। 70 लाख यात्रियों की संख्या होने के बाद भी लोकल ट्रेन के यात्रियों को बीमा की सुविधा उपलब्ध नहीं है। सफर के दौरान दुर्घटना का शिकार होने पर उपचार का खर्च यात्रियों के परिवार को ही उठाना पड़ता है। ऐसे में मेट्रो रेल यात्रियों को बीमा सुरक्षा कवर का लाभ मिलना एक अच्छी पहल है।अस्पताल में भर्ती होने पर 1 लाख रुपये, ओपीडी खर्च 10 हजार रुपये, मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये,अपंग होने पर 4 लाख रुपये






