यूपीआई भुगतान पर एमडीआर शुल्क के विरोध में व्यापार मंडल, प्रधानमंत्री से पुनर्विचार की मांग
फतेहपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, फतेहपुर ने यूपीआई लेन-देन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की है। व्यापार मंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन के माध्यम से छोटे एवं मध्यम व्यापारियों को राहत देने की अपील की है। सौंपे गये ज्ञापन में व्यापार मंडल का कहना है कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था ने व्यापारियों और उपभोक्ताओं के लिए लेन-देन को आसान बनाया है। ऐसे में यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाने से छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। किराना, कपड़ा, दवा, हार्डवेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, होटल-रेस्टोरेंट और फल-सब्जी विक्रेताओं जैसे कारोबारियों का मुनाफा पहले से सीमित रहता है। प्रत्येक डिजिटल लेन-देन पर शुल्क लगने से उनकी लागत बढ़ने की आशंका है। साथ ही ज्ञापन में कहा गया है कि 2,000 रुपये से अधिक के कुछ यूपीआई लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क की व्यवस्था छोटे एवं मध्यम व्यापारियों के हितों को प्रभावित कर सकती है। व्यापार मंडल ने मांग की है कि सामान्य यूपीआई लेन-देन पर प्रस्तावित एमडीआर व्यवस्था लागू न की जाए तथा छोटे व्यापारियों को विशेष छूट और प्रोत्साहन दिया जाए। संगठन ने सरकार से भारतीय रिजर्व बैंक, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई), बैंकों और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श कर व्यापारियों की समस्याओं का समाधान निकालने की भी मांग की है। व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया कि वह डिजिटल भुगतान व्यवस्था का विरोध नहीं करता, बल्कि इसे सरल, सुरक्षित और किफायती बनाए रखने का पक्षधर है। संगठन ने सरकार से यूपीआई शुल्क व्यवस्था की पुनः समीक्षा कर छोटे एवं मध्यम व्यापारियों के हितों की रक्षा करने की अपील की है। इस दौरान मुकुन्द मिश्रा (राष्ट्रीय वरिष्ठ महामंत्री), राजेंद्र प्रसाद मिश्रा (जिलाध्यक्ष), कृष्ण चंद्र अग्रवाल, अशोक कुमार, पूरवी शुक्ल, दीपू कुशवाहा, गयासुद्दीन, बृजेश सिंघल, रवि अग्रहरि, सुनील, रामनरेश, रमाकांत, बिन्दा प्रसाद, प्रेम, शिव प्रसाद गुप्ता, शम्भू नाथ, राजेंद्र कुमार, पुरुषोत्तम मिश्रा, अखिलेश पाण्डेय सहित कई अन्य व्यापारी उपस्थित रहे हैं।