विंध्य महोत्सव में लोककला और लोकगीतों से झूमा विंध्य धाम, एमएलसी विनीत सिंह ने किया शुभारंभ
मीरजापुर। मां विंध्यवासिनी देवी धाम विंध्याचल में आयोजित नौ दिवसीय विंध्य महोत्सव के द्वितीय दिवस सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। कार्यक्रम का शुभारंभ विधान परिषद सदस्य श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर और देवी चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर एमएलसी विनीत सिंह ने कहा कि विंध्य की धरती प्राचीन काल से ही अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोककला और लोक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध रही है। यहां की कला और संस्कृति हमारी पहचान है, इसे संरक्षित करना हम सभी का दायित्व है। कलाकार अपनी प्रतिभा से समाज को जोड़ते हैं और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाते हैं।
उन्होंने कहा कि विंध्य महोत्सव जैसे आयोजन स्थानीय कलाकारों के साथ बाहरी प्रदेशों से आए कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का सशक्त मंच देते हैं। ऐसे आयोजनों से पर्यटन और आपसी सद्भाव को भी बढ़ावा मिलता है।
इन कलाकारों ने दी प्रस्तुति
द्वितीय दिवस कोलकाता की देवयानी वसु और नमाली घोष ने भरतनाट्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। मीरजापुर के विष्णु प्रजापति, सुरेश मौर्य, देवी प्रसाद, रामनारायण, प्रीतू, शिलू, शिवलाल गुप्ता, निर्मला प्रजापति, सरिता, कीर्ति, अमित दूबे और खुशबू दूबे ने लोक प्रस्तुतियां दीं। भदोही के सुरेश लाल यादव, सोनभद्र के महेंद्र कुमार, वाराणसी की वरन्या सिन्हा और नूपुरवाणी नृत्य एकेडमी की टीम ने भी शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में एमएलसी और डिप्टी कलेक्टर जूही प्रसाद ने कलाकारों को मां विंध्यवासिनी का चित्र, चुनरी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। संचालन संजय श्रीवास्तव ने किया।
आज ये देंगे प्रस्तुति
महोत्सव के तीसरे दिन 14 अक्टूबर को मीरजापुर के अमरनाथ शुक्ला, राम मिलन, संजय सुरीला, संजू तिवारी, प्रयागराज के दीपेन्द्र जागरण ग्रुप, भदोही के माता सीता संस्कृति धरोहर ग्रुप, लखनऊ के आदर्श मिश्रा, रायबरेली के राजू रंगीला, कानपुर की क्रांतिमाला और बाराबंकी के सरोज श्रीवास्तव लोकगीत और भजनों की प्रस्तुति देंगे।
उन्होंने कहा कि विंध्य महोत्सव जैसे आयोजन स्थानीय कलाकारों के साथ बाहरी प्रदेशों से आए कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का सशक्त मंच देते हैं। ऐसे आयोजनों से पर्यटन और आपसी सद्भाव को भी बढ़ावा मिलता है।
इन कलाकारों ने दी प्रस्तुति
द्वितीय दिवस कोलकाता की देवयानी वसु और नमाली घोष ने भरतनाट्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। मीरजापुर के विष्णु प्रजापति, सुरेश मौर्य, देवी प्रसाद, रामनारायण, प्रीतू, शिलू, शिवलाल गुप्ता, निर्मला प्रजापति, सरिता, कीर्ति, अमित दूबे और खुशबू दूबे ने लोक प्रस्तुतियां दीं। भदोही के सुरेश लाल यादव, सोनभद्र के महेंद्र कुमार, वाराणसी की वरन्या सिन्हा और नूपुरवाणी नृत्य एकेडमी की टीम ने भी शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में एमएलसी और डिप्टी कलेक्टर जूही प्रसाद ने कलाकारों को मां विंध्यवासिनी का चित्र, चुनरी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। संचालन संजय श्रीवास्तव ने किया।
आज ये देंगे प्रस्तुति
महोत्सव के तीसरे दिन 14 अक्टूबर को मीरजापुर के अमरनाथ शुक्ला, राम मिलन, संजय सुरीला, संजू तिवारी, प्रयागराज के दीपेन्द्र जागरण ग्रुप, भदोही के माता सीता संस्कृति धरोहर ग्रुप, लखनऊ के आदर्श मिश्रा, रायबरेली के राजू रंगीला, कानपुर की क्रांतिमाला और बाराबंकी के सरोज श्रीवास्तव लोकगीत और भजनों की प्रस्तुति देंगे।