शिक्षक गरिमा के प्रांतीय सम्मेलन में शामिल हुए सीएम योगी - शिक्षकों की भूमिका और संस्कारयुक्त शिक्षा पर दिया जोर
धाता फतेहपुर। नगर पंचायत धाता क्षेत्र से सैकड़ों लोग राजधानी लखनऊ में अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में आयोजित प्रांतीय शिक्षक गरिमा कार्यशाला में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। कार्यशाला में शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की भूमिका, विद्यार्थियों में संस्कार निर्माण और समाज के प्रति शिक्षकों के दायित्वों पर चर्चा हुई।
गायत्री शक्तिपीठ धाता के मीडिया प्रभारी आकाश चंदेल ने बताया कि कार्यशाला में शिक्षकों ने शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नई पीढ़ी के व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जिम्मेदार और संस्कारवान नागरिक तैयार करना भी है। कार्यक्रम में ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने का संदेश भी दिया गया। इस अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ धाता से रामानंद सिंह, राम सिंह (प्रबंधक सरस्वती विद्या मंदिर धाता), पप्पू सिंह, तेजबहादुर, कृष्णा, गोविंद केशरवानी, हर्षवर्धन सिंह, अनिल सिंह, आकाश चंदेल, रविंद्र सिंह, सीताराम, जितेंद्र और प्रदीप सहित कई लोग मौजूद रहे।
गायत्री शक्तिपीठ धाता के मीडिया प्रभारी आकाश चंदेल ने बताया कि कार्यशाला में शिक्षकों ने शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नई पीढ़ी के व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जिम्मेदार और संस्कारवान नागरिक तैयार करना भी है। कार्यक्रम में ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने का संदेश भी दिया गया। इस अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ धाता से रामानंद सिंह, राम सिंह (प्रबंधक सरस्वती विद्या मंदिर धाता), पप्पू सिंह, तेजबहादुर, कृष्णा, गोविंद केशरवानी, हर्षवर्धन सिंह, अनिल सिंह, आकाश चंदेल, रविंद्र सिंह, सीताराम, जितेंद्र और प्रदीप सहित कई लोग मौजूद रहे।