सिसौली में मिला मध्य प्रदेश का नाबालिग, टीम ने पिता के सुपुर्द किया जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन और ग्रामीण समाज विकास केन्द्र के प्रयास से 15-16 वर्षीय बालक की घर वापसी
मुजफ्फरनगर।कस्बा सिसौली में रह रहे मध्य प्रदेश के एक नाबालिग बालक को संयुक्त टीम ने सकुशल उसके घर पहुंचाकर पिता के सुपुर्द किया।जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन संस्था और ग्रामीण समाज विकास केन्द्र को मिली शिकायत के बाद प्रशासन और पुलिस के सहयोग से यह कार्रवाई की गई।संस्था को शिकायत मिली थी कि सिसौली में एक नाबालिग बालक संदिग्ध परिस्थितियों में रह रहा है।मामले से जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय को अवगत कराया गया।अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ के निर्देशन में सहायक श्रम आयुक्त देवेश सिंह ने संयुक्त टीम गठित की।टीम में श्रम प्रवर्तन अधिकारी बालेश्वर सिंह, एएचटीयू के उपनिरीक्षक जगत सिंह,चाइल्ड हेल्पलाइन कोऑर्डिनेटर सचिन कुमार,सागर बालियान,जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन एवं ग्रामीण समाज विकास केन्द्र के गजेंद्र सिंह और गौरव मलिक सहित थाना भौराकलां की पुलिस शामिल रही।संयुक्त टीम ने सिसौली पहुंचकर मामले की जांच की।जांच में पता चला कि करीब 15-16 वर्ष का बालक लगभग 15 दिन पहले अपने मामा और चाचा के साथ यहां आया था।मौके पर बालक बाल श्रम करता हुआ नहीं मिला।उसकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे बाल कल्याण समिति, मुजफ्फरनगर के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष रीना पवार ने बालक की काउंसलिंग कराकर उसके घर का पता लगवाया।समिति के आदेश पर 17 अक्टूबर को बालक को मध्य प्रदेश के जिला सीधी स्थित ग्राम कुसुमार ले जाकर उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया।इस दौरान पिता को हिदायत दी गई कि वह बच्चे को इस कम उम्र में बाहर न भेजें और उसकी शिक्षा पर विशेष ध्यान दें।ग्रामीण समाज विकास केन्द्र ने आमजन से अपील की कि यदि कहीं कोई गुमशुदा,लावारिस या कम उम्र में बाल श्रम करता हुआ बच्चा दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर दें,ताकि बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा की जा सके।