स्नातकों की आवाज को सदन में और मजबूती से उठाना मेरी प्राथमिकता रू डॉ. मान सिंह यादव
फतेहपुर। इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में एमएलसी चुनाव की अधिसूचना जारी होने तथा नामांकन होने के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी ने वर्तमान एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव को एक बार फिर प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर चुके हैं। चुनाव को लेकर स्नातक मतदाताओं के बीच भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। रोजगार, शिक्षा, युवाओं की समस्याएं, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और क्षेत्रीय विकास जैसे मुद्दे इस चुनाव में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इसी सिलसिले में संवाददाता शीबू खान ने वर्तमान एमएलसी एवं सपा प्रत्याशी डॉ. मान सिंह यादव से उनके पिछले कार्यकाल, चुनावी प्राथमिकताओं और आगामी रणनीति को लेकर विस्तृत बातचीत की। प्रस्तुत हैं बातचीत के कुछ अंश -
प्रश्नः आप नामांकन कर चुके हैं। इस चुनाव को किस रूप में देखते हैं?
उत्तरः यह चुनाव मेरे लिए स्नातक मतदाताओं के विश्वास और उनके मुद्दों से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है। पिछले कार्यकाल में मैंने क्षेत्र के स्नातकों, युवाओं और शिक्षित बेरोजगारों की समस्याओं को विधान परिषद में उठाने का प्रयास किया है। अब एक बार फिर जनता के बीच अपने कार्यों और भविष्य की प्राथमिकताओं को लेकर जा रहा हूं।
प्रश्नः आपके पिछले कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियां क्या रहीं?
उत्तरः मेरा प्रयास रहा कि इलाहाबाद-झांसी खंड के विभिन्न जिलों से जुड़े मुद्दे सदन में प्रभावी ढंग से उठाए जाएं। शिक्षा, रोजगार, युवाओं की समस्याएं और क्षेत्रीय विकास से जुड़े कई विषयों को विधान परिषद में उठाया गया। जनता से लगातार संवाद बनाए रखना भी मेरी प्राथमिकताओं में रहा है।
प्रश्नः इस चुनाव में स्नातक मतदाताओं के सामने सबसे बड़ा मुद्दा क्या है?
उत्तरः आज का युवा रोजगार और बेहतर शिक्षा चाहता है। शिक्षित बेरोजगारी एक गंभीर विषय है। इसके अलावा उच्च शिक्षा संस्थानों की समस्याएं, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।
प्रश्नः यदि मतदाताओं ने दोबारा आपको अवसर दिया तो आपकी प्राथमिकताएं क्या होंगी?
उत्तरः स्नातक युवाओं की समस्याओं को सदन में और मजबूती से उठाना मेरी प्राथमिकता होगी। शिक्षा, रोजगार, युवाओं के भविष्य और क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों पर लगातार सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाएगा। मेरा प्रयास रहेगा कि निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्येक जिले की आवाज विधान परिषद तक पहुंचे।
प्रश्नः निर्वाचन क्षेत्र काफी बड़ा है। सभी जिलों के मतदाताओं तक पहुंच बनाना कितना चुनौतीपूर्ण है?
उत्तरः निर्वाचन क्षेत्र निश्चित रूप से बड़ा है, लेकिन लोगों से संवाद ही जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी ताकत है। लगातार क्षेत्र में जाकर लोगों से मिलना और उनकी समस्याएं सुनना जरूरी है। इसी क्रम में कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ संपर्क अभियान चलाया जाएगा।
प्रश्नः अंत में स्नातक मतदाताओं से क्या कहना चाहेंगे?
उत्तरः मैं सभी स्नातक मतदाताओं से अपील करूंगा कि वे चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग जरूर करें। प्रत्याशियों के कार्य, विचार और मुद्दों को समझकर अपने विवेक से निर्णय लें। मेरा प्रयास हमेशा जनता की आवाज को सदन तक पहुंचाने का रहा है और आगे भी इसी दिशा में काम करता रहूंगा।
प्रश्नः आप नामांकन कर चुके हैं। इस चुनाव को किस रूप में देखते हैं?
उत्तरः यह चुनाव मेरे लिए स्नातक मतदाताओं के विश्वास और उनके मुद्दों से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है। पिछले कार्यकाल में मैंने क्षेत्र के स्नातकों, युवाओं और शिक्षित बेरोजगारों की समस्याओं को विधान परिषद में उठाने का प्रयास किया है। अब एक बार फिर जनता के बीच अपने कार्यों और भविष्य की प्राथमिकताओं को लेकर जा रहा हूं।
प्रश्नः आपके पिछले कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियां क्या रहीं?
उत्तरः मेरा प्रयास रहा कि इलाहाबाद-झांसी खंड के विभिन्न जिलों से जुड़े मुद्दे सदन में प्रभावी ढंग से उठाए जाएं। शिक्षा, रोजगार, युवाओं की समस्याएं और क्षेत्रीय विकास से जुड़े कई विषयों को विधान परिषद में उठाया गया। जनता से लगातार संवाद बनाए रखना भी मेरी प्राथमिकताओं में रहा है।
प्रश्नः इस चुनाव में स्नातक मतदाताओं के सामने सबसे बड़ा मुद्दा क्या है?
उत्तरः आज का युवा रोजगार और बेहतर शिक्षा चाहता है। शिक्षित बेरोजगारी एक गंभीर विषय है। इसके अलावा उच्च शिक्षा संस्थानों की समस्याएं, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।
प्रश्नः यदि मतदाताओं ने दोबारा आपको अवसर दिया तो आपकी प्राथमिकताएं क्या होंगी?
उत्तरः स्नातक युवाओं की समस्याओं को सदन में और मजबूती से उठाना मेरी प्राथमिकता होगी। शिक्षा, रोजगार, युवाओं के भविष्य और क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों पर लगातार सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाएगा। मेरा प्रयास रहेगा कि निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्येक जिले की आवाज विधान परिषद तक पहुंचे।
प्रश्नः निर्वाचन क्षेत्र काफी बड़ा है। सभी जिलों के मतदाताओं तक पहुंच बनाना कितना चुनौतीपूर्ण है?
उत्तरः निर्वाचन क्षेत्र निश्चित रूप से बड़ा है, लेकिन लोगों से संवाद ही जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी ताकत है। लगातार क्षेत्र में जाकर लोगों से मिलना और उनकी समस्याएं सुनना जरूरी है। इसी क्रम में कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ संपर्क अभियान चलाया जाएगा।
प्रश्नः अंत में स्नातक मतदाताओं से क्या कहना चाहेंगे?
उत्तरः मैं सभी स्नातक मतदाताओं से अपील करूंगा कि वे चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग जरूर करें। प्रत्याशियों के कार्य, विचार और मुद्दों को समझकर अपने विवेक से निर्णय लें। मेरा प्रयास हमेशा जनता की आवाज को सदन तक पहुंचाने का रहा है और आगे भी इसी दिशा में काम करता रहूंगा।