सीजेए कार्यालय पहुंचे सपा एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव, चुनावी रणनीति पर हुई चर्चा - पुरानी पेंशन बहाली, शिक्षकों की सुरक्षा और शिक्षामित्रों को समान वेतन दिलाना बताया प्राथमिकता
फतेहपुर। झांसी-इलाहाबाद खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के वर्तमान समाजवादी पार्टी (सपा) एमएलसी एवं प्रत्याशी डॉ. मान सिंह यादव जनपद फतेहपुर के दौरे पर पहुंचे। इस दौरान देर शाम उन्होंने फतेहपुर स्थित पत्रकारों एवं कलमकारों के संगठन साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन (सीजेए) कार्यालय में पहुंचकर शिष्टाचार भेंट की। यहां उन्होंने संगठन के राष्ट्रीय महासचिव शीबू खान से मुलाकात की और आगामी 23 अक्टूबर को होने वाले एमएलसी चुनाव को लेकर विस्तृत चर्चा की। बातचीत के दौरान चुनावी रणनीति, शिक्षक-कर्मचारियों की समस्याओं, युवाओं के रोजगार और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दे प्रमुखता से उठे।
कार्यालय में हुई इस मुलाकात के दौरान डॉ. मान सिंह यादव ने कहा कि शिक्षक, कर्मचारी और युवा समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनसे जुड़े मुद्दे केवल किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था, रोजगार और भविष्य से भी सीधे जुड़े हुए हैं। उन्होंने इन वर्गों की समस्याओं को अपने चुनावी एजेंडे का प्रमुख आधार बताते हुए कहा कि उनके अधिकारों, सम्मान और भविष्य की सुरक्षा के लिए आवाज उठाना आवश्यक है। चर्चा के दौरान डॉ. मान सिंह यादव ने पुरानी पेंशन योजना की बहाली के मुद्दे पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के भविष्य की आर्थिक सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है और पुरानी पेंशन बहाली की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। उनके अनुसार, कर्मचारियों की सेवा के बाद सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए इस विषय पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि शिक्षकों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना जरूरी है। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शिक्षकों की समस्याओं का समाधान और उनके हितों की रक्षा प्राथमिकता में होनी चाहिए, एमएलसी डॉ. यादव ने शिक्षामित्रों और वित्तविहीन शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने शिक्षामित्रों को समान वेतन दिलाने तथा वित्तविहीन शिक्षकों के लिए उचित मानदेय और सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। शिक्षकों और शिक्षामित्रों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप सम्मान, आर्थिक सुरक्षा और बेहतर कार्य परिस्थितियां मिलनी चाहिए। उन्होंने इन मुद्दों को लेकर अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक और कर्मचारी हितों से जुड़े विषयों को लगातार उठाया जाना आवश्यक है। बातचीत के दौरान डॉ. मान सिंह यादव ने प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए दरोगा भर्ती, ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ), असिस्टेंट पदों से संबंधित भर्ती परीक्षाओं और नीट परीक्षा का उल्लेख किया। उन्होंने इन परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से युवाओं की मेहनत, उम्मीदों और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा वर्षों तक मेहनत करते हैं और अपने परिवार की उम्मीदों के साथ परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में यदि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं, तो युवाओं का भरोसा प्रभावित होता है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने और युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस मुलाकात के माध्यम से शिक्षक-कर्मचारी हितों, युवाओं की समस्याओं और पत्रकारों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। वहीं, आगामी चुनाव को देखते हुए इन मुद्दों की राजनीतिक और सामाजिक महत्ता भी चर्चा का महत्वपूर्ण हिस्सा रही।
कार्यालय में हुई इस मुलाकात के दौरान डॉ. मान सिंह यादव ने कहा कि शिक्षक, कर्मचारी और युवा समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनसे जुड़े मुद्दे केवल किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था, रोजगार और भविष्य से भी सीधे जुड़े हुए हैं। उन्होंने इन वर्गों की समस्याओं को अपने चुनावी एजेंडे का प्रमुख आधार बताते हुए कहा कि उनके अधिकारों, सम्मान और भविष्य की सुरक्षा के लिए आवाज उठाना आवश्यक है। चर्चा के दौरान डॉ. मान सिंह यादव ने पुरानी पेंशन योजना की बहाली के मुद्दे पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के भविष्य की आर्थिक सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है और पुरानी पेंशन बहाली की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। उनके अनुसार, कर्मचारियों की सेवा के बाद सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए इस विषय पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि शिक्षकों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना जरूरी है। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शिक्षकों की समस्याओं का समाधान और उनके हितों की रक्षा प्राथमिकता में होनी चाहिए, एमएलसी डॉ. यादव ने शिक्षामित्रों और वित्तविहीन शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने शिक्षामित्रों को समान वेतन दिलाने तथा वित्तविहीन शिक्षकों के लिए उचित मानदेय और सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। शिक्षकों और शिक्षामित्रों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप सम्मान, आर्थिक सुरक्षा और बेहतर कार्य परिस्थितियां मिलनी चाहिए। उन्होंने इन मुद्दों को लेकर अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक और कर्मचारी हितों से जुड़े विषयों को लगातार उठाया जाना आवश्यक है। बातचीत के दौरान डॉ. मान सिंह यादव ने प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए दरोगा भर्ती, ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ), असिस्टेंट पदों से संबंधित भर्ती परीक्षाओं और नीट परीक्षा का उल्लेख किया। उन्होंने इन परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से युवाओं की मेहनत, उम्मीदों और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा वर्षों तक मेहनत करते हैं और अपने परिवार की उम्मीदों के साथ परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में यदि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं, तो युवाओं का भरोसा प्रभावित होता है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने और युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस मुलाकात के माध्यम से शिक्षक-कर्मचारी हितों, युवाओं की समस्याओं और पत्रकारों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। वहीं, आगामी चुनाव को देखते हुए इन मुद्दों की राजनीतिक और सामाजिक महत्ता भी चर्चा का महत्वपूर्ण हिस्सा रही।