रामनवमी पर हिंदू रक्षा दल का द्वितीय विशाल भंडारा, कन्या पूजन के बाद कन्याओं को वितरित किए शस्त्र शिक्षा, संस्कार और आत्मरक्षा का ज्ञान जरूरी: शैंकी शर्मा
मुजफ्फरनगर। रामनवमी के शुभ अवसर पर हिंदू रक्षा दल परिवार की ओर से शिव मंदिर, घास मंडी, मुजफ्फरनगर में द्वितीय विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विधि-विधान के साथ कन्या पूजन किया गया। इसके बाद संगठन की ओर से देवी स्वरूप कन्याओं को प्रतीकात्मक रूप से शस्त्र वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान हिंदू रक्षा दल के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज में महिलाओं और बच्चियों के प्रति बढ़ते अपराधों को देखते हुए बच्चों को शिक्षा और संस्कारों के साथ-साथ आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करना भी आवश्यक है। संगठन ने कहा कि सनातन परंपरा में देवी-देवताओं और मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों को शक्ति के प्रतीक के रूप में दर्शाया गया है। इसी भावना से बच्चों में साहस, आत्मविश्वास और आत्मरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया। हिंदू रक्षा दल के जिलाध्यक्ष शैंकी शर्मा ने कहा कि हिंदू समाज को अपने बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ धर्म, संस्कृति और आत्मरक्षा का ज्ञान भी देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छे संस्कार देने के साथ उन्हें अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने धार्मिक परंपराओं के सम्मान और समाज में महिलाओं एवं बच्चियों की सुरक्षा पर जोर दिया। कार्यक्रम में हिंदू संघर्ष समिति के संयोजक नरेंद्र पवार, शिवसेना पश्चिम उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष ललित मोहन शर्मा, छत्रपति शिवाजी सेना के अध्यक्ष अर्चित आर्य, भाजपा नेता विभोर सिंघल तथा मंदिर समिति से जुड़े संजय सक्सेना सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त बजरंगी सेना के अध्यक्ष सुमित बजरंगी, हिंदू रक्षा दल के नगर अध्यक्ष आशीष शर्मा, युवा जिला अध्यक्ष हेमंत शर्मा, जिला सुरक्षा प्रमुख सूरज त्यागी, जिला उपाध्यक्ष कपिल कश्यप (युवा), जिला सचिव अभिषेक शर्मा, अंकित बालियान, विवेक शर्मा, विशाल शर्मा, मोहित शर्मा, प्रज्वल पाल, मोहित चौधरी पुरबालियान, बॉबी उपाध्याय, हिमांशु धीमान, रजनीश कुमार और राजन सैनी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन धार्मिक आस्था और सामाजिक सुरक्षा के संदेश के साथ हुआ। आयोजकों ने कहा कि बच्चों में शिक्षा, संस्कार, अनुशासन और आत्मरक्षा की भावना विकसित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।