रु अमेठी में उर्वरक बिक्री केंद्रों पर छापेमारी, 18 प्रतिष्ठानों की जांचय 14 नमूने लिए ’’अनियमितता मिलने पर चार विक्रेताओं को नोटिस, किसानों का मोबाइल नंबर, खतौनी और फार्मर आईडी दर्ज करना अनिवार्य
अमेठी 22 अक्टूबर।’’ किसानों को निर्धारित दरों पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने गुरुवार को उर्वरक बिक्री केंद्रों पर जांच अभियान चलाया। जिलाधिकारी शशांक चैधरी के निर्देश पर कृषि विभाग और उप जिलाधिकारियों की टीमों ने जिले में 18 उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान गुणवत्ता जांच के लिए 14 नमूने लिए गए, जबकि अनियमितता मिलने पर चार प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि जांच के दौरान पीसीएफ केंद्र गौरीगंज, एग्री जंक्शन केंद्र जंगल रामनगर, चैहान एग्री जंक्शन केंद्र बेनीपुर और पंकज खाद भंडार थौरा में अनियमितताएं मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने सभी फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिया कि बिक्री रजिस्टर में प्रत्येक किसान का मोबाइल नंबर, खतौनी नंबर और फार्मर आईडी अनिवार्य रूप से दर्ज करें। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विक्रेताओं को किसानों की फसल के अनुसार निर्धारित दरों पर उर्वरक बेचने और अनुदानित उर्वरकों के साथ गैर-अनुदानित उत्पादों की टैगिंग नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रति हेक्टेयर अधिकतम पांच बोरी डीएपी और सात बोरी यूरिया की बिक्री संबंधी निर्धारित निर्देशों का पालन करने को भी कहा गया है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक प्रतिष्ठान पर स्टॉक एवं बिक्री रजिस्टर, रेट बोर्ड, कैश मेमो और सरकारी अनुदान से संबंधित सूचना प्रदर्शित करना अनिवार्य है। पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और दुकान में उपलब्ध वास्तविक स्टॉक में अंतर नहीं होना चाहिए। जिंक, माइक्रो न्यूट्रिएंट्स, सल्फर और जैविक उर्वरकों सहित सभी उत्पादों का विवरण भी स्टॉक एवं वितरण रजिस्टर में दर्ज करना होगा। उल्लंघन पर लाइसेंस निरस्त करने सहित विधिक कार्रवाई की जा सकती है।
अभियान के तहत उप कृषि निदेशक ने गौरीगंज और अमेठी तहसील क्षेत्र में, जबकि वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए ने तिलोई और मुसाफिरखाना क्षेत्र में उर्वरक प्रतिष्ठानों की जांच की।
जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से आलू, मटर और सरसों की बुवाई के दौरान फसल की आवश्यकता के अनुसार संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करने की अपील की। उन्होंने इन फसलों के लिए उपयुक्त एनपीके उर्वरक अपनाने और डीएपी के विकल्प के रूप में इसका उपयोग करने की सलाह दी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि निर्धारित दरों पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जांच अभियान जारी रहेगा।
जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि जांच के दौरान पीसीएफ केंद्र गौरीगंज, एग्री जंक्शन केंद्र जंगल रामनगर, चैहान एग्री जंक्शन केंद्र बेनीपुर और पंकज खाद भंडार थौरा में अनियमितताएं मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने सभी फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिया कि बिक्री रजिस्टर में प्रत्येक किसान का मोबाइल नंबर, खतौनी नंबर और फार्मर आईडी अनिवार्य रूप से दर्ज करें। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विक्रेताओं को किसानों की फसल के अनुसार निर्धारित दरों पर उर्वरक बेचने और अनुदानित उर्वरकों के साथ गैर-अनुदानित उत्पादों की टैगिंग नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रति हेक्टेयर अधिकतम पांच बोरी डीएपी और सात बोरी यूरिया की बिक्री संबंधी निर्धारित निर्देशों का पालन करने को भी कहा गया है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक प्रतिष्ठान पर स्टॉक एवं बिक्री रजिस्टर, रेट बोर्ड, कैश मेमो और सरकारी अनुदान से संबंधित सूचना प्रदर्शित करना अनिवार्य है। पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और दुकान में उपलब्ध वास्तविक स्टॉक में अंतर नहीं होना चाहिए। जिंक, माइक्रो न्यूट्रिएंट्स, सल्फर और जैविक उर्वरकों सहित सभी उत्पादों का विवरण भी स्टॉक एवं वितरण रजिस्टर में दर्ज करना होगा। उल्लंघन पर लाइसेंस निरस्त करने सहित विधिक कार्रवाई की जा सकती है।
अभियान के तहत उप कृषि निदेशक ने गौरीगंज और अमेठी तहसील क्षेत्र में, जबकि वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए ने तिलोई और मुसाफिरखाना क्षेत्र में उर्वरक प्रतिष्ठानों की जांच की।
जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से आलू, मटर और सरसों की बुवाई के दौरान फसल की आवश्यकता के अनुसार संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करने की अपील की। उन्होंने इन फसलों के लिए उपयुक्त एनपीके उर्वरक अपनाने और डीएपी के विकल्प के रूप में इसका उपयोग करने की सलाह दी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि निर्धारित दरों पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जांच अभियान जारी रहेगा।