पूर्व डीजीपी डॉ. सूर्यकुमार ने योजनाओं की दी जानकारी - रोजगार, स्वरोजगार और सुशासन को लेकर जनपदवासियों से सहयोग की अपील
फतेहपुर। पुलिस लाइन स्थित गेस्ट हाउस में पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉ. सूर्यकुमार ने प्रेस वार्ता कर शासन की विभिन्न विकास एवं रोजगारपरक योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर जनपद के जरूरतमंद लोग स्वरोजगार एवं व्यवसाय शुरू कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं।सुशासन विभाग के प्रदेश संयोजक के रूप में डॉ. सूर्यकुमार ने प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं, कमियों तथा बेहतर कार्यों के प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उनके अनुसार प्रत्येक विकासखंड से विभिन्न प्रकार के व्यवसाय शुरू कराने के लिए प्रशिक्षण देने के साथ आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि कई ट्रेडों में प्रशिक्षण के साथ टूल किट आदि उपलब्ध कराने की योजनाएं भी संचालित हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से पात्र युवा उद्यमियों को बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। इच्छुक युवाओं को ऑनलाइन आवेदन करने के बाद जिला उद्योग केंद्र एवं संबंधित विकासखंड स्तर से संपर्क कर स्वरोजगार या उद्योग शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ानी चाहिए। डॉ. सूर्यकुमार ने सुशासन और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कहा कि यदि कहीं सरकारी व्यवस्था में गड़बड़ी, लापरवाही या भ्रष्टाचार की शिकायत हो तो उसके प्रमाण के साथ संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वीडियो, ऑडियो अथवा दस्तावेज के माध्यम से शिकायत उपलब्ध कराने से उसकी जांच में मदद मिल सकती है। उन्होंने दावा किया कि भ्रष्टाचार निवारण एवं सतर्कता विभाग की कार्रवाई में कई लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने में सहयोग करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर प्रमाण सहित शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने बताया कि सुशासन विभाग की ओर से जनता के सहयोग से प्रदेश स्तर पर एक सुशासन समिति गठित की गई है, जिसके माध्यम से विभिन्न जिलों की शासन-प्रशासन संबंधी स्थिति की जानकारी स्थानीय लोगों से प्राप्त कर शासन तक पहुंचाई जाती है। बांग्लादेशी घुसपैठियों के संबंध में उन्होंने अपने संगठनात्मक दायित्व का उल्लेख करते हुए दावा किया कि अब तक लगभग पांच लाख अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की जांच कर उन्हें वापस भेजा जा चुका है। उन्होंने यह भी दावा किया कि बांग्लादेश और पाकिस्तान से प्रताड़ित होकर भारत आए हिंदू, सिख, सिंधी, पंजाबी और जैन समुदाय के लोगों को चिन्हित कर लगभग सवा लाख लोगों के भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि गोपनीय जांच के बाद नागरिकता देने की प्रक्रिया सरकार द्वारा की जा रही है। पूर्व डीजीपी ने जनपदवासियों से प्रशासनिक स्तर पर होने वाली गड़बड़ियों को लेकर जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिकायतों को दबाने के बजाय उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाकर उनका समाधान कराने का प्रयास किया जाना चाहिए।