अंतरराष्ट्रीय
रूस में चुनाव के बीच मॉस्को पर बड़ा ड्रोन हमला, ऑयल रिफाइनरी में लगी आग; बढ़ा तनाव
मॉस्को। रूस में संसदीय चुनाव के अंतिम दिन राजधानी मॉस्को और आसपास के इलाकों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए गए। रूसी अधिकारियों के मुताबिक, यह मॉस्को पर युद्ध शुरू होने के बाद का सबसे बड़ा ड्रोन हमला था। हमले के दौरान मॉस्को ऑयल रिफाइनरी में आग लग गई और कई आवासीय इलाकों में भी नुकसान की खबर है।
1,000 से ज्यादा ड्रोन का दावा
रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों और कब्जे वाले क्षेत्रों में 1,110 से अधिक यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए गए। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन के अनुसार, राजधानी की ओर आने वाले करीब 450 ड्रोन को रूसी एयर डिफेंस ने नष्ट किया।
हमले में मॉस्को की प्रमुख तेल रिफाइनरी को नुकसान पहुंचा। यूक्रेनी पक्ष के अनुसार, रिफाइनरी की कुछ प्रमुख प्रोसेसिंग यूनिट प्रभावित हुईं। हालांकि, हमले से हुए कुल नुकसान और उत्पादन पर वास्तविक प्रभाव का स्वतंत्र आकलन अभी स्पष्ट नहीं है।
चुनाव के आखिरी दिन हमला क्यों अहम?
यह हमला ऐसे समय हुआ जब रूस में 18 से 20 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय संसदीय चुनाव चल रहे थे और 20 सितंबर को मतदान का अंतिम दिन था। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चुनाव को यूक्रेन युद्ध के बीच देश के समर्थन और एकता के संकेत के तौर पर पेश किया था।
मॉस्को के मेयर ने आरोप लगाया कि हमले का उद्देश्य चुनाव को बाधित करना था। दूसरी ओर, यूक्रेन ने रूस के भीतर अपने लंबी दूरी के हमलों को रूसी सैन्य और ऊर्जा ढांचे पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा बताया है।
रूस ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
हमले के बाद रूस ने यूक्रेन पर हमले और तेज करने की चेतावनी दी है। इससे रूस-यूक्रेन युद्ध में तनाव और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। इस बीच, दोनों पक्ष एक-दूसरे के इलाकों में ड्रोन और मिसाइल हमलों का सिलसिला जारी रखे हुए हैं।
कुल मिलाकर, मॉस्को पर हुआ हमला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह रूसी चुनाव के अंतिम दिन हुआ, राजधानी की तेल आपूर्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण अवसंरचना प्रभावित हुई और रूस की ओर से जवाबी कार्रवाई तेज करने का संकेत दिया गया है।