कला शिक्षकों की सृजनात्मक प्रतिभा का संगम बनी कला आचार्य प्रदर्शनी-2026 तीन दिवसीय प्रदर्शनी में 56 कलाकृतियों का प्रदर्शन, कला आचार्यों को अंगवस्त्र एवं सम्मान-पत्र से किया गया सम्मानित
प्रयागराज। कला आचार्य प्रदर्शनी 2026 लखनऊ/प्रयागराज क्षेत्र का तीन दिवसीय आयोजन राज्य ललित कला अकादमी परिसर स्थित लाल बारादरी भवन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रदर्शनी का आयोजन कला निकेतन सोसाइटी, उ.प्र.एवं आर्टिलिया इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। प्रदर्शनी का शुभारंभ उ.प्र.विधान परिषद की संसदीय एवं सामाजिक सद्भाव समिति के मा.सभापति अनूप कुमार गुप्ता ने किया। इस अवसर पर भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ की पूर्व कुलपति प्रो. पूर्णिमा पाण्डेय विशिष्ट अतिथि तथा राज्य ललित कला अकादमी उ. प्र.के उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्रा कार्यक्रम अध्यक्ष ने दीप प्रज्वलित कर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। मा.अनूप कुमार गुप्ता ने कहा कि कला अध्यापक समाज के मार्गदर्शक होते हैं
आमंत्रित वरिष्ठ आचार्य कलाकारों में प्रो.उमेश सक्सेना, राजेंद्र सक्सेना, प्रो.सुनील सक्सेना, मोहम्मद शकील, अकादमी सदस्य कवि-कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा एवं किरण सिंंह राठौड़ की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रदर्शनी के मशहूर कलाकारों में प्रो.सुनील सक्सेना, रवीन्द्र कुशवाहा, अनीता वर्मा, शिखा पाण्डेय, कृष्णा शर्मा, प्रवीण कुमार यादव, डॉ ज़ाहेदा खानम, तलत महमूद, डॉ.अंगद वर्मा, हरिमोहन सिंह, सचिन केसरवानी, ताहिर महमूद, मनोज गौड़, मनोज कु.प्रजापति, सुनीता वर्मा, सुनील कश्यप, डॉ.मधु शर्मा, डॉ. खुशबू मेहरा, अलख कुमार, सुमित कुमार, आशुतोष कु.सोनी, सचिन, विनोद कु.विश्वकर्मा, निर्मला सीमा, डॉ.रीना गौतम, त्रिभुवन कुमार, संध्या यादव, लक्ष्मी नारायण, विनोद कु. सिंह, डॉ. पुनमश्री जायसवाल, उमरनाथ गौड़, विभावरी सिंह, विकास विश्वकर्मा, डॉ.सुनीता शर्मा, अमित कुमार, डॉ. महती वशिष्ठ, शिखा नाथ, राजेश कुमार, अनिल के साथ, राखी सैनी, राजीव कुमार रावत, तुलिका कश्यप, आलोक सिंह, डॉ.कुसुमलता गुप्ता, शीतकान्त पाण्डेय, अतुल हिंदू, डॉ.कावेरी विज़, पल्लवी सिंह, ज्योति प्रजापति, बृजेश कु.शर्मा, पवन कु.मौर्य एवं जय प्रकाश गुप्ता सहित 56 शिक्षकों की कलाकृतियां प्रदर्शित हुईं जिनको हजारों दर्शकों को ने सराहा ।
प्रदर्शनी के समापन समारोह के मुख्य अतिथि वाश शैली के मशहूर कलाकार डॉ.राजेंद्र प्रसाद व अकादमी निदेशक विजय कुमार श्रीवास्तव की गरिमामयी उपस्थिति रही। डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि कला शिक्षक के अनुभव और कलात्मक दृष्टि का प्रभाव विद्यार्थियों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचता है। मा.विजय कु.श्रीवास्तव ने कहा, ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को कला के प्रति प्रेरित करते हैं। समारोह में प्रदर्शनी में सहभागी सभी कला आचार्यों को अंगवस्त्र एवं सम्मान-पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
प्रदर्शनी संयोजक एवं राज्य ललित कला अकादमी उ.प्र.के सदस्य अभिनवदीप ने प्रदर्शनी की सफलता के लिए सभी अतिथियों, कलाकारों, कला शिक्षकों, कला प्रेमियों तथा सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।