Uttar Pradesh
जय किसान इंटर कॉलेज में पॉक्सो एक्ट पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, बच्चों को बताए कानूनी अधिकार
सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिद्धार्थनगर द्वारा चलाए जा रहे विशेष जागरूकता अभियान के तहत गुरुवार को जय किसान इंटर कॉलेज सकतपुर सनई में छात्र-छात्राओं के मध्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव शैलेंद्र नाथ ने की।
कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए सचिव शैलेंद्र नाथ ने पॉक्सो अधिनियम 2012 के प्रमुख प्रावधानों और इसके कानूनी परिणामों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कानून का मुख्य उद्देश्य 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को लैंगिक उत्पीड़न, हमलों और अपराधों से पूर्ण संरक्षण प्रदान करना है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को 'गुड टच और बैड टच' के अंतर को समझाते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का अनुचित स्पर्श, अशोभनीय व्यवहार या संदिग्ध संदेश मिलने पर चुप न रहें और न ही इसे अपनी गलती समझें। ऐसी किसी भी घटना की जानकारी तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों अथवा जिम्मेदार अधिकारियों को दें, क्योंकि घटना को छिपाने के बजाय समय पर सूचना देना सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति भी सचेत किया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन माध्यमों पर अनजान व्यक्तियों से दूरी बनाएं, निजी फोटो, वीडियो या व्यक्तिगत जानकारी कभी साझा न करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। सोशल मीडिया पर किसी भी अवांछित गतिविधि की सूचना तत्काल परिवार के किसी जिम्मेदार व्यक्ति को दें। उन्होंने आश्वस्त किया कि कानून बच्चों की सुरक्षा के लिए है और जरूरत पड़ने पर उन्हें त्वरित विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य जयराम ने कार्यक्रम के सफल संचालन में सहयोग दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से इस अभियान से मिली जानकारियों को अपने परिवार व समाज तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में पीएलवी सिद्धार्थ कुमार सहित विद्यालय के शिक्षक व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सचिव ने बताया कि 25 सितंबर से 01 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान के तहत जनपद के विभिन्न विद्यालयों में बच्चों को पॉक्सो एक्ट के प्रति जागरूक किया गया है।
कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए सचिव शैलेंद्र नाथ ने पॉक्सो अधिनियम 2012 के प्रमुख प्रावधानों और इसके कानूनी परिणामों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कानून का मुख्य उद्देश्य 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को लैंगिक उत्पीड़न, हमलों और अपराधों से पूर्ण संरक्षण प्रदान करना है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को 'गुड टच और बैड टच' के अंतर को समझाते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का अनुचित स्पर्श, अशोभनीय व्यवहार या संदिग्ध संदेश मिलने पर चुप न रहें और न ही इसे अपनी गलती समझें। ऐसी किसी भी घटना की जानकारी तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों अथवा जिम्मेदार अधिकारियों को दें, क्योंकि घटना को छिपाने के बजाय समय पर सूचना देना सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति भी सचेत किया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन माध्यमों पर अनजान व्यक्तियों से दूरी बनाएं, निजी फोटो, वीडियो या व्यक्तिगत जानकारी कभी साझा न करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। सोशल मीडिया पर किसी भी अवांछित गतिविधि की सूचना तत्काल परिवार के किसी जिम्मेदार व्यक्ति को दें। उन्होंने आश्वस्त किया कि कानून बच्चों की सुरक्षा के लिए है और जरूरत पड़ने पर उन्हें त्वरित विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य जयराम ने कार्यक्रम के सफल संचालन में सहयोग दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से इस अभियान से मिली जानकारियों को अपने परिवार व समाज तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में पीएलवी सिद्धार्थ कुमार सहित विद्यालय के शिक्षक व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सचिव ने बताया कि 25 सितंबर से 01 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान के तहत जनपद के विभिन्न विद्यालयों में बच्चों को पॉक्सो एक्ट के प्रति जागरूक किया गया है।