जीवन के प्रथम 1000 दिवस परियोजना के दूसरे चरण का प्रशिक्षण शुरू - 89 अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
फतेहपुर। बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘जीवन के प्रथम 1000 दिवस’ परियोजना के दूसरे चरण के तहत चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। 23, 24, 26 और 27 अक्टूबर को आयोजित प्रशिक्षण में बाल विकास एवं पुष्टाहार तथा स्वास्थ्य विभाग के करीब 89 अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स के निर्देश और सीडीओ पवन कुमार मीना के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. इस्तियाक अहमद सहित अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। दिल्ली की डॉ. अनुभा राजेश, लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. रूपा शंकर और ओडिशा की विशेषज्ञ प्रियदर्शिनी मोहंती प्रशिक्षण दे रही हैं। इसका उद्देश्य मास्टर ट्रेनर्स तैयार करना है, जो आगे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे। परियोजना के तहत गर्भधारण से बच्चे के दूसरे जन्मदिन तक स्वास्थ्य, पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और संवेदनशील परवरिश पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स के निर्देश और सीडीओ पवन कुमार मीना के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. इस्तियाक अहमद सहित अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। दिल्ली की डॉ. अनुभा राजेश, लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. रूपा शंकर और ओडिशा की विशेषज्ञ प्रियदर्शिनी मोहंती प्रशिक्षण दे रही हैं। इसका उद्देश्य मास्टर ट्रेनर्स तैयार करना है, जो आगे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे। परियोजना के तहत गर्भधारण से बच्चे के दूसरे जन्मदिन तक स्वास्थ्य, पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और संवेदनशील परवरिश पर विशेष जोर दिया जा रहा है।