घर में घुसकर मारपीट व छेड़छाड़ का आरोप, एसपी से कार्रवाई की मांग
फतेहपुर। कोतवाली क्षेत्र के पीलू तले चैराहा निवासी कहकशा पुत्री गुफरान अली, जो एक वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ कार्य करती है, ने पड़ोसियों पर घर में घुसकर मारपीट, छेड़छाड़, धमकी देने और घर के अंदर तक कैमरा लगाकर निजता प्रभावित करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने अधिवक्ताओं व अन्य लोगों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पीड़िता के मुताबिक पांच अक्टूबर की सुबह करीब नौ बजे मुकदमे की पैरवी को लेकर चल रही रंजिश के चलते अजय साहू, रचित साहू, कविता साहू समेत कुछ अन्य लोग उसके घर में घुस आए। आरोप है कि आरोपितों ने उसके साथ, उसकी बहन दरख्शा और मां के साथ मारपीट की। पीड़िता का आरोप है कि इसी दौरान उसकी बहन के कपड़े फाड़कर उसके साथ अभद्रता और छेड़छाड़ की गई। घटना का वीडियो भी मौजूद होने का दावा किया गया है। साथ ही आरोपितों पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। कहकशा का कहना है कि घटना के दिन ही कोतवाली में प्रार्थना पत्र दिया गया था। पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण कराया, जिसमें चोटें मिलने की बात कही गई है। हालांकि, अन्य घायलों के मेडिकल परीक्षण के संबंध में अपेक्षित कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई न होने के बाद उसकी अनुमति के बिना घर के अंदर तक निगरानी रखने के उद्देश्य से कैमरा लगवाया गया, जिससे परिवार की निजता प्रभावित हो रही है। मामले को लेकर जैनुल अब्बास, मोहम्मद आदिल, सुधीर, फैजान, शाहिद और आसिफ समेत कई अधिवक्ता व अन्य लोग पीड़िता के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे। सभी ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई और पीड़िता व उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की।
पीड़िता के मुताबिक पांच अक्टूबर की सुबह करीब नौ बजे मुकदमे की पैरवी को लेकर चल रही रंजिश के चलते अजय साहू, रचित साहू, कविता साहू समेत कुछ अन्य लोग उसके घर में घुस आए। आरोप है कि आरोपितों ने उसके साथ, उसकी बहन दरख्शा और मां के साथ मारपीट की। पीड़िता का आरोप है कि इसी दौरान उसकी बहन के कपड़े फाड़कर उसके साथ अभद्रता और छेड़छाड़ की गई। घटना का वीडियो भी मौजूद होने का दावा किया गया है। साथ ही आरोपितों पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। कहकशा का कहना है कि घटना के दिन ही कोतवाली में प्रार्थना पत्र दिया गया था। पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण कराया, जिसमें चोटें मिलने की बात कही गई है। हालांकि, अन्य घायलों के मेडिकल परीक्षण के संबंध में अपेक्षित कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई न होने के बाद उसकी अनुमति के बिना घर के अंदर तक निगरानी रखने के उद्देश्य से कैमरा लगवाया गया, जिससे परिवार की निजता प्रभावित हो रही है। मामले को लेकर जैनुल अब्बास, मोहम्मद आदिल, सुधीर, फैजान, शाहिद और आसिफ समेत कई अधिवक्ता व अन्य लोग पीड़िता के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे। सभी ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई और पीड़िता व उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की।