Uttar Pradesh
गांधी-शास्त्री जयन्ती पर जनपद में आयोजित हुए विविध कार्यक्रम’ ‘‘रघुपति राघव राजा राम‘‘ वैष्णव जन तो तेने कहिए,
भदोही। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री जी की जयन्तीध्अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी शैलेष कुमार द्वारा कलेक्टेªट एवं मुख्य विकास अधिकारी बाल गोबिन्द शुक्ल द्वारा विकास भवन पर ध्वजारोहण किया गया। दोनों महान जननायको की प्रतिमा पर पुष्पाजंलिध्माल्यार्पण करते हुए कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शैलेष कुमार व अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों ने कोटि-कोटि नमन करते हुए उन्हे श्रद्वांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में जवाहर नवोदय विद्यालय के संगीत शिक्षक के नेतृत्व में आयें छात्र-छात्राओं ने गांधी जी का प्रिय भजन-‘‘रघुपति राघव राजा राम‘‘ वैष्णव जन तो तेने कहिए, पीड़ पारायी जाणे रे‘‘ गाया जिसको सभी ने दुहराकर उसका अनुसरण किया। उनके कृतित्व पर छात्राओं ने अच्छी प्रस्तुति की। संगीत गायन वादन करने वाले छात्रों को जिलाधिकारी ने उपहार देकर प्रेरित किया। जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने गांधी व शास्त्री को नमन करते हुए भारतीय स्वाधीनता आन्दोलन में उनके महत्व को रेखांकित किया। उन्होने गांधी जी के सत्याग्रह, सत्य और अहिंसा, स्वराज, स्वदेशी, ग्रामोदय, अन्त्योदय, गांधी जी के जन्तरध्मंत्र, ग्राम स्वराज, चरखा आदि विचारो व जीवन शैली पर प्रकाश डालते हुए उन्होने प्रेरित किया। जिलाधिकारी ने ‘‘जय जवान-जय किसान‘‘ मंत्र के प्रणेता, विराट व्यक्तित्व के पहचान, सादगी और कर्तव्य निष्ठा के प्रतीक पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री जी के योगदानो पर प्रकाश डाला। उन्होने बताया कि ‘‘गांधी जी ने कहा था कि ‘‘भारत की आत्मा गॉव में बसती है।‘‘ पंचायतो को सशक्त बनाकर ही हम देश के विकास में जन-जन की सहभागिता को शामिल कर सकते है। जिलाधिकारी ने कहा कि गांधी जी के विचारो में ‘‘जहॉ स्वच्छता है वहीं ईश्वर का वास होता है।अपर जिलाधिकारी वि.ध्रा. शुभांगी शुक्ला ने दोनो महान विभूतियों को नमन करते हुए कहा कि सत्य, अहिंसा, सविनय अवज्ञा, सत्याग्रह गांधी जी के चार अहिंसात्मक मार्ग थे जिनका प्रयोग आजीवन किया। गांधी जी के ट्रस्टीशिप सिद्धान्त पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सबकुछ हमारा है, कुछ भी हमारा नही है। अपनी आत्मा में सत्य और अहिंसा को आत्मसात करना ही सत्याग्रह है। अपर जिलाधिकारी वि0ध्रा0 शुभांगी शुक्ला ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व लालबहादुर शास्त्री को नमन करते हुए भारतीय स्वाधीनता संग्राम में उनके योगदानों पर प्रकाश डाला, बताया कि महात्मा गांधी जिन्हे सारा देश प्यार से बापू कहता है। उन्होंने सत्य व अहिंसा का रास्ता दिखाया। जिस पर हम सभी को जीवन भर चलते हुए आगे बढ़ना चाहिए। लालबहादुर शास्त्री बगल के वाराणसी-चन्दौली के निवासी थे। जिनके सघर्षो की कहानी हम सभी सुनते है। उन्होंने आजीवन सादा-जीवन उच्च विचार को अपनाकर देश के विकास में अपना योगदान दिया।मुख्य विकास अधिकारी बाल गोबिन्द शुक्ल ने विकास भवन सभागार में दोनों महानुभावों को नमन करते हुए माल्यार्पण कर कहा कि पंचायतो के सशक्तिकरण से ही भारत आने वाले 25 वर्षो में आत्मनिर्भर भारत की ओर अग्रसर होगा। उन्होंने गांधी जी के ग्राम स्वरोजगार पर बल देते हुए बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, खाद्यी व ग्रामोद्योग विभाग, मनरेगा, उज्ज्वला, आयुष्मान कार्ड, कक्षा-8 तक के निःशुल्क शिक्षा व एमडीएम, अमृत सरोवर, पंचायत सचिवालय, आदि के माध्यम से ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होने सभी ग्राम प्रधानो से पंचायतो में नवाचार उपायो को अपनाने पर बल दिया। उन्होने वोकल फार लोकल, एक जनपद एक उत्पाद, स्वदेशी व स्वालम्बन पर जोर दिया। अपर जिलाधिकारी न्यायिक ने कहा कि गांधी जी मानवता व सामाजिक सरोकारो के वैश्विक प्रतिमूर्ति है। आज भी साबरमती आश्रम उनके जीवन शैली का संदेश देता है। स्वाधीनता समर की वेदी में असहयोग आन्दोलन, सविनय अवज्ञा आन्दोलन, भारत छोड़ो आन्दोलन के माध्यम से देश को आजाद कराते हुए उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। वे राष्ट्रीय एकता, जाति पात का खण्डन, महिलाओं के सामाजिक उत्थान में अतुलनीय योगदान दिया। ‘‘जय जवान-जय किसान’’ नारे के साथ उन्होंने लालबहादुर शास्त्री जी के मूल्यों व सघर्षो पर बल दिया। जनपद में गांधी-शास्त्री जयन्ती पर जिलाधिकारी के कुशल मार्गदर्शन में विविध कार्यक्रम आयोजित हुए। जिलाधिकारी द्वारा ग्राम-पिपरीस में कुष्ठ रोगियों को फल, पौष्टिक आहार व दवा का वितरण किया गया। इसी क्रम में जिला क्रीड़ाधिकारी के नेतृत्व में खेल स्टेडियम से देवनाथपुर तक शांति मैराथन रैली का आयोजन किया गया। जनपद के सभी शासकीय कार्यालयों स्कूल कॉलेजो व संगठनो संस्थाओं में ध्वजारोहण कर साफ-सफाई हेतु श्रमदान कर गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए विचार गोष्ठी भाषण वाद-विवाद परिचर्चा का आयोजन किया गया तथा उनके विचारो व सन्देशो को आत्मसात करने पर बल दिया गया। गांधी जी द्वारा बताये गये महिलाओं की उन्नति, गॉव को आत्म निर्भर बनाने आपसी सौहार्द ग्रामीण जीवन में सुधार लाने वाले जन कल्याणकारी योजनाओं पर बल दिया गया।जिला क्रीडाधिकारी द्वारा बताया गया कि तहसीलदार भदोही के नेतृत्व में जिला खेल कार्यालय के तत्वाधान में आयोजित महिलाओं की तीन किलो मीटर, व पुरूषध्महिला की क्रांस कन्ट्री रेस में प्रथम से 06 स्थान तक आने वाले कुल 12 खिलाडियों को टैªकशूट टी-शर्ट देकर सम्मानित किया गया। समस्त ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों, मलिन बस्तियों की साफ-सफाई करते हुए ब्लिचिंग पाउडर आदि का छिड़काव किया गया। महिलाओं की उन्नति के लिए महात्मा गांधी के बताये गये मार्ग का अवलम्बन करने हेतु बालिका शिक्षा, दहेज प्रथा की समाप्ति, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक व आर्थिक क्षेत्रों में उनकी मजबूत भागीदारी कराने हेतु ऑगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा बहुओं के साथ-साथ महिला कल्याण विभाग, महिला व बाल विकास पुष्टाहार विभाग के माध्यम से कार्यक्रम आयोजित किये गये। समस्त तहसीलों, विकास खण्डों, नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों, प्रतिष्ठानों, संस्थाओं पर भी विविध कार्यक्रम आयोजित कर जनमानस को जागरूक किया गया।जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने पिपरीश में आयोजित कार्यक्रम में कुष्ठ रोगियों को फल एवं दवाओं का वितरण किया। इस दौरान कुष्ठ रोगियों ने जिलाधिकारी को आवास की छत टपकने की समस्या से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए खंड विकास अधिकारी, भदोही को तत्काल छत की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों की समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण करते हुए उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।