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गजेन्द्र मोक्ष एवं श्री कृष्ण अवतार ने मोहा श्रद्धालुओं का मन
वाराणसी। बड़ागांव क्षेत्र के खटौरा गांव में आयोजित श्री श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस कथा व्यास डॉ. चंद्रमणि त्रिपाठी (पूर्व प्राचार्य, व्याकरणाचार्य) ने गज-ग्राह युद्ध एवं गजेन्द्र मोक्ष, देवासुर संग्राम, मोहिनी अवतार, रुद्र सम्मोहन, पयोव्रत, वसुदेव-देवकी विवाह एवं कंस के कोप का भावपूर्ण वर्णन किया।
इसके बाद गर्भस्थित भगवान श्रीकृष्ण की देवताओं द्वारा स्तुति तथा भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य अवतार का प्रसंग सुनाया गया। श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग आते ही कथा पंडाल “नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा। कथा के यजमान चंद्रेश्वर नारायण सिंह एवं मंजू सिंह ने व्यासपीठ का पूजन-अर्चन किया।
इस अवसर पर सुषमा सिंह, राजेश्वर सिंह, नागेश्वर सिंह, बिजेश्वर सिंह, जितेंद्र सिंह, हेमंत सिंह, हर्षित सिंह, किशन सिंह, गिरीश सिंह, धनंजय सिंह, शांतिभूषण सिंह एवं शशिभूषण सिंह सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
इसके बाद गर्भस्थित भगवान श्रीकृष्ण की देवताओं द्वारा स्तुति तथा भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य अवतार का प्रसंग सुनाया गया। श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग आते ही कथा पंडाल “नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा। कथा के यजमान चंद्रेश्वर नारायण सिंह एवं मंजू सिंह ने व्यासपीठ का पूजन-अर्चन किया।
इस अवसर पर सुषमा सिंह, राजेश्वर सिंह, नागेश्वर सिंह, बिजेश्वर सिंह, जितेंद्र सिंह, हेमंत सिंह, हर्षित सिंह, किशन सिंह, गिरीश सिंह, धनंजय सिंह, शांतिभूषण सिंह एवं शशिभूषण सिंह सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।