एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय पर दिया धरना, नियमितीकरण की उठाई मांग समान कार्य-समान वेतन, वेतन वृद्धि और अन्य सुविधाओं की मांग; 12 अक्टूबर को लखनऊ में प्रस्तावित आंदोलन में शामिल होने की अपील
फतेहपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों ने शनिवार को उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन सहित विभिन्न मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए शासन से उनके शीघ्र निस्तारण की मांग की।
संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार पटेल ने कहा कि एनएचएम के संविदा कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने संविदा कर्मचारियों को नियमित किए जाने, समान कार्य के लिए समान वेतन व्यवस्था लागू करने और वर्तमान वेतन में वृद्धि किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को उनकी सेवाओं के अनुरूप वेतन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। धरना-प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा, महंगाई भत्ता, कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ), मकान किराया भत्ता और उपदान का लाभ दिए जाने की मांग भी उठाई। इसके अतिरिक्त रिक्त पदों पर अन्य जनपदों में स्थानांतरण की नीति लागू करने, मृतक आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति देने तथा बाह्य स्रोत से नियुक्त कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने की मांग की गई। संघ ने नियमित पदों पर होने वाली भर्तियों में संविदा कर्मचारियों के लिए कोटा निर्धारित करने की भी मांग रखी। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान करते हुए शासन स्तर पर मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए। वहीं आंदोलन को आगे बढ़ाने के क्रम में संघ ने 12 अक्टूबर को लखनऊ में प्रस्तावित कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया। जिलाध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार पटेल ने जनपद के सभी एनएचएम संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों से अधिक से अधिक संख्या में लखनऊ पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को प्रभावी ढंग से शासन तक पहुंचाने के लिए एकजुटता आवश्यक है। धरना-प्रदर्शन में डॉ. प्रदीप कुमार पटेल, शिव प्रताप सिंह, सौरभ, रामजी सविता, अशोक, प्रदीप और दीपक सहित सैकड़ों संविदा कर्मचारी शामिल रहे।