चोला मोर माटी एवं हाय हैंडसम नाटक देख भाव विभोर हुए दर्शक
प्रयागराज। साइंटिफिक एम्पावरमेंट एंड डेवलपमेंट समिति द्वारा आयोजित प्रयागराज नाट्य समारोह में आज दो नाटकों का मंचन सांस्कृतिक केंद्र में किया गया। कार्यक्रम के प्रथम चरण में सायं 5:00 बजे समन्वय, प्रयागराज की प्रस्तुति ‘चोला मोर माटी’ का मंचन हुआ। यह नाटक पद्म विभूषण से सम्मानित प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई के जीवन पर आधारित है। नाटक की निर्देशिका एवं अभिनेत्री सुषमा शर्मा ने अपनी एकल प्रस्तुति स्वर्गीय तीजन बाई को समर्पित की। सुषमा शर्मा ने अपने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ‘चोला मोर माटी’ की यह 14वीं प्रस्तुति थी।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. सुशील सिन्हा, डॉ. धनंजय चोपड़ा, दीपक शर्मा एवं प्रसिद्ध कवि कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर सभी अतिथियों का शॉल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में रंगभूमि, दिल्ली की प्रस्तुति ‘हाय हैंडसम’ का मंचन हुआ। नाटक में हास्य एवं व्यंग्य का अद्भुत मिश्रण देखने को मिला। नाटक का आलेख जयवर्धन तथा निर्देशन चित्रा सिंह का रहा। हाय हैंडसम का ताना-बाना वृद्धावस्था में उपेक्षा एवं अकेलेपन की सामाजिक समस्या को केंद्र में रखकर बुना गया है। नाटक में दिखाया गया कि नई पीढ़ी अपनी व्यस्त दुनिया में आगे बढ़ जाती है और बुजुर्ग व्यक्ति की खोज-खबर लेने वाला कोई नहीं रह जाता। नाटक ने इसी सामाजिक विसंगति की ओर दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। कर्नल कपूर की भूमिका में जे. पी. सिंह के प्रभावशाली अभिनय ने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध रंगकर्मी आलोक नायर ने किया। समारोह में प्रयागराज के कलाकारों, रंगकर्मियों, साहित्यकारों तथा समाज के प्रबुद्धजनों ने दोनों नाटकों की सराहना की। अंत में संस्था के सचिव सुशील कुमार राय ने कलाकारों, अतिथियों एवं दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. सुशील सिन्हा, डॉ. धनंजय चोपड़ा, दीपक शर्मा एवं प्रसिद्ध कवि कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर सभी अतिथियों का शॉल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में रंगभूमि, दिल्ली की प्रस्तुति ‘हाय हैंडसम’ का मंचन हुआ। नाटक में हास्य एवं व्यंग्य का अद्भुत मिश्रण देखने को मिला। नाटक का आलेख जयवर्धन तथा निर्देशन चित्रा सिंह का रहा। हाय हैंडसम का ताना-बाना वृद्धावस्था में उपेक्षा एवं अकेलेपन की सामाजिक समस्या को केंद्र में रखकर बुना गया है। नाटक में दिखाया गया कि नई पीढ़ी अपनी व्यस्त दुनिया में आगे बढ़ जाती है और बुजुर्ग व्यक्ति की खोज-खबर लेने वाला कोई नहीं रह जाता। नाटक ने इसी सामाजिक विसंगति की ओर दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। कर्नल कपूर की भूमिका में जे. पी. सिंह के प्रभावशाली अभिनय ने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध रंगकर्मी आलोक नायर ने किया। समारोह में प्रयागराज के कलाकारों, रंगकर्मियों, साहित्यकारों तथा समाज के प्रबुद्धजनों ने दोनों नाटकों की सराहना की। अंत में संस्था के सचिव सुशील कुमार राय ने कलाकारों, अतिथियों एवं दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया।