Uttar Pradesh
बाढ़ से 30 मीटर सड़क धंसी, कई गांव जलमग्न, ग्रामीणों ने सांसद-विधायक और जिला प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
कुशीनगर-: सिसवा नाहर-अहिरौली दान मार्ग पर बाढ़ ने कहर बरपाया है। कोदो मिश्रा के कुंड के पास टू-लेन सड़क का करीब 30 मीटर हिस्सा टूटकर बह गया है। अहिरौली दान से बाहर मठिया श्रीराम बॉर्डर के पास सड़क धंसने से कई गांवों में नदी का पानी घुस गया है और सैकड़ों परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
सड़क टूटने के बाद मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई और आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, जनप्रतिनिधियों पर अनदेखी का आरोप
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने स्थानीय सांसद स्थानीय शशांक मणि,विधायक डॉ असीम राय और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ से पहले कई बार तटबंध की मरम्मत और सड़क को मजबूत करने की मांग की गई थी, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली।
ग्रामीणों ने कहा कि हर साल बाढ़ में यही स्थिति होती है, लेकिन जनप्रतिनिधि केवल निरीक्षण कर चले जाते हैं, स्थायी समाधान नहीं होता। जिला प्रशासन पर भी लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समयg रहते न तो चेतावनी दी गई और न ही बचाव के इंतजाम किए गए, जिससे आज गांवों में पानी घुस गया।
टूटे हुए हिस्से से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल बैरिकेडिंग, सुरक्षा व्यवस्था और सड़क की मरम्मत की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है और वे आंदोलन को मजबूर होंगे।
सड़क टूटने के बाद मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई और आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, जनप्रतिनिधियों पर अनदेखी का आरोप
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने स्थानीय सांसद स्थानीय शशांक मणि,विधायक डॉ असीम राय और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ से पहले कई बार तटबंध की मरम्मत और सड़क को मजबूत करने की मांग की गई थी, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली।
ग्रामीणों ने कहा कि हर साल बाढ़ में यही स्थिति होती है, लेकिन जनप्रतिनिधि केवल निरीक्षण कर चले जाते हैं, स्थायी समाधान नहीं होता। जिला प्रशासन पर भी लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समयg रहते न तो चेतावनी दी गई और न ही बचाव के इंतजाम किए गए, जिससे आज गांवों में पानी घुस गया।
टूटे हुए हिस्से से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल बैरिकेडिंग, सुरक्षा व्यवस्था और सड़क की मरम्मत की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है और वे आंदोलन को मजबूर होंगे।