17 अक्टूबर से लेखपालों ने कार्य बहिष्कार की दी चेतावनी - लेखपाल संघ ने लंबित मांगों को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, ग्रेड पे, स्थानांतरण और भत्ते बढ़ाने की मांग
फतेहपुर। लंबित मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ की सदर फतेहपुर उपशाखा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर को सौंपते हुए कहा कि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो 17 अक्टूबर 2026 से प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से कार्य बहिष्कार किया जाएगा।संघ के अनुसार, लेखपाल संवर्ग की प्रमुख मांग पिछले करीब 10 वर्षों से लंबित 2800 ग्रेड पे को लागू करना है। पदाधिकारियों का कहना है कि लेखपालों के कार्य और जिम्मेदारियां लगातार बढ़ी हैं, इसलिए प्रारंभिक वेतनमान लेवल-5 किया जाना चाहिए। इसके अलावा अंतर-मंडलीय स्थानांतरण पर लगी रोक हटाने की भी मांग की गई है। संघ का दावा है कि करीब 2700 लेखपाल अपने गृह जनपद और मंडल से 400 से 800 किलोमीटर दूर तैनात हैं। ज्ञापन में चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति प्रक्रिया जल्द पूरी कराने तथा चयन वर्ष 2024 के नवनियुक्त लेखपालों की प्रशिक्षण परीक्षा का परिणाम घोषित करने की मांग भी की गई। संघ ने पिछले 16 वर्षों से भत्तों में वृद्धि न होने का मुद्दा उठाते हुए स्टेशनरी भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये करने और नियत यात्रा भत्ते के स्थान पर 1500 रुपये प्रतिमाह मोटरसाइकिल भत्ता देने की मांग की है। लेखपाल संघ ने ग्राम सचिवालयों में कार्य करने के लिए अलग कक्ष, कंप्यूटर, इंटरनेट और फर्नीचर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी की। पदाधिकारियों के मुताबिक एक लेखपाल को चार से पांच गांवों का प्रभार दिए जाने से कार्य प्रभावित होता है। आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र की जांच और आईजीआरएस सहित तकनीकी कार्यों को देखते हुए लेखपाल पद को ‘टेक्निकल पद’ घोषित करने तथा लैपटॉप और मोबाइल उपलब्ध कराने की मांग की गई है। संघ ने सोहावल तहसील, अयोध्या में एंटी करप्शन टीम से जुड़ी हालिया घटना का उल्लेख करते हुए लेखपालों के उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग भी उठाई। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते निर्णय नहीं लिया गया और आंदोलन के दौरान प्रशासनिक कार्य प्रभावित होते हैं तो इसकी जिम्मेदारी शासन और राजस्व परिषद की होगी।