Parvez Alam
कला और साहित्य अकादमी पुरस्कारों की बंदर बांट
आज जिस प्रकार से सम्मान एवं पुरस्कार प्राप्त करने के लिए कुछ योग्य एवं अयोग्य साहित्यकार, कवि, लेखक, कलाकार साम-दाम-दण्ड-भेद सब अपना रहे हैं...
हरियाणा के डॉ. सत्यवान सौरभ को लखनऊ में ‘पं. प्रताप नारायण...
भाऊराव देवरस सेवा न्यास द्वारा देशभर से चयनित छह साहित्यकारों में से एक विभूषित साहित्यकार डॉ सत्यवान सौरभ को पच्चीस हजार पुरस्कार राशि, अंग...
पुरुष संवेदनशीलता के बिना महिला सशक्तिकरण अधूरा
यह कहना कि केवल महिलाएं ही इस मानसिकता की शिकार हैं, आधा सच होगा। हाल के दिनों में, पुरुषों पर पितृसत्ता के प्रभाव के...
दिवाली का बदला स्वरूप
दिवाली के शुभ अवसर पर हमारे देश में रोशनी, मिठाईयां, सुख-समृद्धि और सौभाग्य की बात करने की परंपरा है लेकिन विडंबना ये है कि आज के...
कन्या-पूजन नहीं बेटियों के प्रति दृष्टिकोण बदलने की जरूरत
नवरात्रि का पर्व नारी के सम्मान का प्रतीक है। नौ दिनों तक नवदुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना होती है। कहते हैं कि जिस...
भौतिकता की चाह में पीछे छूटते रिश्ते
एक अजीब सी दौड़ है ये ज़िन्दगी, जीत जाओ तो कई अपने पीछे छूट जाते हैं और हार जाओ तो अपने ही पीछे छोड़ जाते...
संबंधों के बीच पिसते खून के रिश्ते
आज हम में से बहुतों के लिए खून के रिश्तों का कोई महत्त्व नहीं। ऐसे लोग संबंधों को महत्त्व देने लगे हैं। और आश्चर्य...
पत्थर होती मानवीय संवेदना
वह मानव जिसकी पहचान ही उसके मानवीय गुणों जैसे कि सहानुभूति, संवेदना, दुःख आदि होती है और यही गुण मनुष्य में न रहेंगे तो...
Coaching सेंटरों को माफिया करार करके प्रतिबन्ध की जरूरत
देश भर में नियम विरुद्ध कोचिंग सेंटरों का धड़ल्ले से संचालन हो रहा है। सरकार ने कोचिंग संस्थान चलाने के लिए कोई ठोस बिल...
कब तक ‘रैगिंग की आंधी’ में बुझेंगे सपनों के दीप?
रैगिंग के नाम पर मैत्रीपूर्ण परिचय से जो शुरू होता है उसे घृणित और विकृत रूप धारण करने में देर नहीं लगती। रैगिंग की...



