Home उत्तर प्रदेश अजहर जमाल की ताकत के सामने जिला प्रशासन और पुलिस मशीनरी नतमस्तक

अजहर जमाल की ताकत के सामने जिला प्रशासन और पुलिस मशीनरी नतमस्तक

न्याय के लिए हाईकोर्ट पहुंची मृतक की मां
CHITRAKUT NEWS: राजापुर थाना क्षेत्र में हुई शिवशंकर की मौत के मामले में गंभीर आरोपों के बावजूद मृतक की मां को अब तक न्याय नहीं मिलने का आरोप है। प्रकरण में दर्ज FIR में तत्कालीन उपनिरीक्षक अजहर जमाल सहित अन्य लोगों के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाए गए हैं। परिवार का आरोप है कि घटना से पहले मृतक को धमकियां दी गईं, उसके साथ पूर्व में पुलिस हिरासत में मारपीट एवं धन की मांग की गई तथा घटना की रात करीब 9 बजे अजहर जमाल एवं अन्य लोग मृतक को अपने साथ ले गए। परिवार ने मृतक द्वारा छोड़े गए कथित मृत्यु/हत्या नोट तथा मोबाइल में मौजूद कथित बातचीत/रिकॉर्डिंग को भी महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया है। DocScanner Sep 3, 2026 11-34 PM.pdf सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब FIR में पुलिस अधिकारी का नाम स्वयं आरोपी के रूप में दर्ज है, तो अब तक निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? परिवार का कहना है कि उन्होंने पुलिस अधीक्षक से लेकर DGP, DIG, ADG तथा मुख्यमंत्री कार्यालय तक लगातार शिकायतें भेजीं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। 08 अगस्त 2026 को वरिष्ठ अधिकारियों को भेजे गए पत्रों में निष्पक्ष जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी तथा परिवार की सुरक्षा की मांग की गई। DocScanner Sep 3, 2026 11-34 PM.pdf आखिरकार न्याय की आस में परिवार ने माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और निष्पक्ष जांच तथा प्रगति रिपोर्ट के लिए न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की है। DocScanner Sep 3, 2026 11-34 PM.pdf अब सवाल केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि यह है कि क्या किसी पुलिस अधिकारी के विरुद्ध दर्ज गंभीर आरोपों की जांच उसी पुलिस तंत्र के भीतर निष्पक्ष रूप से हो सकती है? मृतक की मां आज भी न्याय की प्रतीक्षा में है।