जेसीबी लगाकर कटे हिस्से की कराई जा रही पुराई, ग्रामीणों ने मजबूत मरम्मत की उठाई मांग
FATEHPUR NEWS: थाना सुल्तानपुर घोष क्षेत्र के प्रेमनगर इलाके में रामगंगा नहर से निकलने वाली खांदी में अचानक कटान हो जाने से हड़कंप मच गया। कटान के बाद नहर का पानी तेजी से आसपास के गांवों की ओर फैलने लगा। देखते ही देखते लोहारन पुरवा समेत आसपास के कई गांवों के करीब एक दर्जन घरों में पानी घुस गया। घरों में पानी भरने से ग्रामीणों के सामने भारी परेशानी खड़ी हो गई और प्रभावित परिवारों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जानकारी के अनुसार, रामगंगा नहर से निकलने वाली खांदी उमरपुर गौंती गांव के लोहारन पुरवा होते हुए आशीषपुर की ओर जाती है। इसी खांदी में कटान होने के बाद पानी तेज बहाव के साथ आसपास के इलाकों में फैल गया। पानी घरों तक पहुंचने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोगों को अपने घरों में रखा सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की चिंता सताने लगी। कटान की चपेट में आने से लोहारन पुरवा समेत आसपास के कई गांव प्रभावित हुए हैं। बताया जा रहा है कि करीब एक दर्जन घरों में पानी घुस गया, जिससे परिवारों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अचानक घरों में पानी भरने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है और ग्रामीणों में इस बात को लेकर दहशत बनी हुई है कि यदि कटान को समय रहते पूरी तरह नहीं रोका गया तो नुकसान और बढ़ सकता है। मामले की सूचना मिलने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय हुए। जिलेदार संजीव कुमार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद जेसीबी मशीन लगाकर नहर के कटे हुए हिस्से की पुराई कराने और पानी के बहाव को रोकने का कार्य शुरू कराया गया। विभाग की ओर से नहर को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि पानी को आसपास के गांवों और आबादी वाले क्षेत्रों में फैलने से रोका जा सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि कटान की घटना ने नहर और बंदी की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि केवल अस्थायी रूप से पुराई करने के बजाय कटान वाले स्थान की मजबूत और स्थायी तरीके से मरम्मत कराई जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो भविष्य में दोबारा कटान होने की स्थिति में गांवों और घरों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। फिलहाल जेसीबी मशीन की मदद से कटे हुए हिस्से को भरकर पानी के बहाव को नियंत्रित करने का प्रयास जारी है। ग्रामीणों की नजर अब विभागीय कार्रवाई पर टिकी हुई है कि कटान वाले स्थान की स्थायी मरम्मत कब कराई जाती है और प्रभावित गांवों को भविष्य में इस तरह की समस्या से कैसे बचाया जाएगा।







